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2G केस: कपिल सिब्बल की 'O' Loss थ्योरी पर मुहर? कांग्रेस बोली- कोई घोटाला नहीं हुआ

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| दिसंबर 21 , 2017 , 15:12 IST

2जी स्पेक्ट्रम मामले में सभी आरोपियों के बरी होने पर गुरुवार को संसद में भी हंगामा हुआ। राज्यसभा में कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि जिसके आधार पर हम वहां (सत्ता पक्ष) से यहां (विपक्ष) में आए, दरअसल वो घोटाला ही नहीं हुआ। सरकार बताए कि 1 लाख 76 हजार करोड़ रुपए कहां गए। 

सीबीआई स्पेशल कोर्ट ने 2जी मामले में पूर्व मंत्री ए. राजा, डीएमके नेता कनिमोझी समेत सभी 35 आरोपियों को बरी कर दिया। 

केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की पटियाला हाउस स्थित विशेष अदालत द्वारा 2जी घोटाला मामले में सभी आरोपियों को बरी करने के फैसले के बाद कांग्रेस ने पूर्व महालेखा परीक्षक (कैग) विनोद राय से माफी की मांग करते हुए कहा है कि उन्हें सभी मौजूदा पदों से त्यागपत्र दे देना चाहिए। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता वीरप्पा मोइली ने अदालत के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए संसद परिसर में कहा 'कैग का आरोप अनुमानों पर आधारित था, और अनुमान न्यायिक प्रक्रिया में टिक नहीं सकते।' उन्होंने कहा कि विनोद राय को देश से माफी मांगनी चाहिए। साथ ही मौजूदा सरकार ने जिन पदों पर उनकी नियुक्ति की है उन्हें सभी से इस्तीफा दे देना चाहिये।

फैसले के बाद पूर्व केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्‍बल ने कहा कि

'मेरी बात सही साबित हुई। मैंने पहले ही कहा था कि कोई घोटाला हुआ ही नहीं था।' मेरी जीरो लॉस थ्योरी सही साबित हुई। 

ट्टिटर पर कांग्रेस के अलावा भी कई लोग पूर्व सीएजी विनोद राय और उनके द्वारा 2 जी स्पेक्ट्रम आवंटन पर दी गई सीएजी रिपोर्ट पर सवाल उठा रहे हैं। लोग पूछ रहे हैं कि विनोद राय ने आखिर किस आधार पर स्पेक्ट्रम आवंटन से सरकार को नुकसान होने की बात कही थी।

मुझे बेहद खुशी है कि आज सत्य की जीत हुई है

पूर्व कैबिनेट मंत्री और कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम ने भी मोदी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा,

'एक हाई प्रोफाइल 2 लाख करोड़ के घोटाले में सरकार के वरिष्ठ पदों पर बैठे लोगों के शामिल होने की बातें पूरी तरह से निराधार थीं। हम हमेशा यही कहते रहे और मुझे बेहद खुशी है कि आज सत्य की जीत हुई है।'

वरिष्ठ पत्रकार शेखर गुप्ता ने भी विनोद राय और सीएजी रिपोर्ट पर सवाल उठाए हैं।

जानिए कौन है विनोद राय?

विनोद राय जनवरी 7 जनवरी 2008 से लेकर 22 मई 2013 तक भारत के सीएजी रह चुके हैं। इसी दौरान 2जी मामला सामने आया था। यूपीए सरकार के दौरान चर्चा में आए इस घोटाले को उजागर करने के पीछे विनोद राय का नाम सामने आता है। विनोद राय 2जी के साथ ही यूपीए सरकार का कोयला आवंटन का मामला भी सामने लेकर आए थे। इन दोनों कथित घोटालों ने यूपीए सरकार को बदनामी का बड़ा दाग लगाया था। 

यूपीए राज के दौरान जब कथित 2जी और कोयला घोटाले को लेकर विनोद राय चर्चा में आए तो उस वक्त पीएमओ के राज्यमंत्री वी नारायणसामी ने सार्वजनिक रूप से विनोद राय की आलोचना की थी। मीडिया के सामने बयान देकर नारायणसामी ने कहा था कि सीएजी को सरकारी स्कीमों में हो रहे घोटालों पर अपनी टिप्पणी देने का कोई अधिकार ही नहीं है, इससे सीएजी के काम करने के तरीके को लेकर सवाल उठता है। 

विनोद राय का जन्म 23 मई, 1948 को हुआ। उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी के हिंदू कॉलेज से इकनॉमिक्स में मास्टर्स की डिग्री ले रखी है। इसके बाद उन्होंने हॉर्वड यूनिवर्सिटी से पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन में मास्टर्स की डिग्री हासिल की। विनोद राय 1972 बैच के केरल कैडर के आईएएस अधिकारी हैं। उन्होंने थ्रिसूर जिले में सब-कलेक्टर के तौर पर अपना करियर शुरू किया था। बाद में वो कलेक्टर बने और थ्रिसूर जिले में 8 साल बिताए। इसके बाद वो 1977 से 1980 के बीच केरल राज्य को-ऑपरेटिव मार्केटिंग फेडरेशन के एमडी भी रहे। फरवरी 2016 में विनोद राय को बैंक बोर्ड ब्यूरो का चेयरमैन भी बनाया गया। ये संस्था पब्लिक सेक्टर्स के बैंकों में सीनियर पोजिशन पर नियुक्तियों को लेकर सरकार को अपनी राय देती है। विनोद राय को मार्च 2016 में पद्म भूषण अवॉर्ड से भी नवाजा गया है।


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