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पंजाब उपचुनाव में बीजेपी को धूल चटाने वाले कांग्रेस के सुनील जाखड़ कौन हैं?

अमितेष युवराज सिंह | न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 27
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| अक्टूबर 15 , 2017 , 16:58 IST

पंजाब में गुरदासदास लोकसभा सीट पर हुए उपचुनाव में कांग्रेस ने बड़ी जीत हासिल कर बीजेपी से उसकी सीट छीन ली है। गुरदासपुर में कांग्रेस प्रत्याशी सुनील जाखड़ ने बीजेपी के उम्मीदवार को धूल चटा दी और 1 लाख 93 हजार वोटों से जीत दर्ज की। इस चुनाव को पंजाब में कांग्रेस की 6 महीने की परफॉर्मेंस से जोड़ कर देखा जा रहा है। लेकिन असली चर्चा तो सुनील जाखड़ की हो रही है क्योंकि उन्होंने ना सिर्फ बीजेपी से सीट छीनी बल्कि बड़े अतंराल से बीजेपी के उम्मीदवार को हराया है। यहां से बीजेपी के  उम्मीदवार स्वर्ण सिंह सलारिया थे। गुरदासपुर से आम आदमी पार्टी की तरफ से मेजर जनरल सुरेश खजारिया खड़े हुए थे जो तीसरे नंबर पर रहे।

सुनील जाखड़ को उपचुनाव में 4 लाख 99 हजार 752 वोट मिले, वहीं बीजेपी के सवर्ण सिंह सलारिया को 3 लाख छह हजार 533 वोट हासिल हुए। वहीं आम आदमी पार्टी को करीब 23 हजार वोट मिले।

सुनील जाखड़ कौन हैं?

पंजाब में कांग्रेस के कद्दावर नेताओं में गिने जाने वाले सुनील जाखड़ मौजूदा समय में पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी यानि पीपीसीसी के अध्यक्ष हैं। वह 2002 से पंजाब की अबोहार सीट से लगातार तीन बार विधायक रहे हैं। जाखड़ 2012 से लेकर 2017 तक पंजाब विधानसभा में नेता विपक्ष की भूमिका में भी रहे। सुनील जाखड़ पंजाब में साफ छवि के नेताओं में गिने जाते हैं। वह साल 2002 में अबोहार सीट जीतकर पहली बार विधायक बने थे। इसके बाद 2007 और 2012 के चुनावों में वो फिर से विधायक चुने गए। सुनील जाखड़ की गिनती एक किसान नेता के तौर पर होती है।

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 कांग्रेस नेता बलराम जाखड़ के बेटे हैं सुनील जाखड़

आपको बता दें कि सुनील जाखड़ कांग्रेस पार्टी के दिवंगत नेता और देश के पूर्व कृषि मंत्री बलराम जाखड़ के बेटे हैं। बलराम जाखड़ 1980-1989 के बीच लोकसभा के स्पीकर भी रहे थे। वो इस पद पर दो बार काबिज हुए थे। बलराम 2004 से लेकर 2009 तक मध्य प्रदेश के राज्यपाल भी रहे।

सुनील जाखड़ को अपने पिता के नाम और काम का सियासी फायदा मिलता रहा है। पंजाब के फजिलका जिले के पंचकोसी गांव (अबोहर) में 9 परवरी 1954 को जन्मे जाखड़ ने कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी से एमबीए की पढ़ाई की है। उनकी शुरुआती पढ़ाई अबोहर से हुई है। इसके बाद गवर्ममेंट कॉलेज चंडीगढ़ में उन्होंने पढ़ाई की।

EC से शिकायत कर चर्चा में आए

इसी साल 7 जनवरी को सुनील जाखड़ ने पंजाब के चुनाव आयुक्त से शिरोमणि अकाली दल के नेताओं के खिलाफ शिकायत की थी। इस शिकायत में उन्होंने अकाली दल के नेता शिवलाल दोहा और उनके भतीजे पर जेल के अंदर सात अलग-अलग मोबाइल इस्तेमाल करने का आरोप लगाया था। माना जा रहा है कि इन चुनावों के नतीजे इस साल हिमाचल में होने वाले विधानसभा चुनावों पर भी प्रभावित करेंगे।

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गौरतलब है कि गुरदासपुर लोकसभा उपचुनाव में मुख्य राजनीतिक दल कांग्रेस, भाजपा और आप के बीच मुकाबला हुआ। कांग्रेस उम्मीदवार सुनील जाखड़ ने पहले दावा किया था कि यह उपचुनाव मोदी सरकार पर जनमत संग्रह होगा। बीजेपी ने इस सीट को वापस पाने के लिए पूरी ताकत झोंक दी थी। इस सीट से विनोद खन्ना भाजपा के टिकट पर चार बार चुनाव जीते थे।  यह सीट अभिनेता से नेता बने विनोद खन्ना के अप्रैल में निधन के बाद खाली हो गई थी।

इस सीट पर 11 अक्टूबर को हुए उपचुनाव में 56 फीसदी मतदान हुआ जो साल 2014 के आम चुनावों में हुए 70 फीसदी मतदान के मुकाबले कम है। इस सीट के तहत आने वाली नौ सीटों में से डेरा बाबा नानक विधानसभा सीट पर सबसे ज्यादा 65 फीसदी मतदान हुआ जबकि बटाला विधानसभा क्षेत्र में सबसे कम 50 फीसदी मतदान हुआ।


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