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जज विवाद पर पहली बार बोले CJI, संस्‍थान की अलोचना करना आसान चलाना मुश्किल

icon सतीश कुमार वर्मा | 0
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| अगस्त 15 , 2018 , 17:44 IST

भारत के प्रधान न्यायाधीश (CJI) दीपक मिश्रा ने 72वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर सुप्रीम कोर्ट परिसर में तिरंगा फहराया। वहां मौजूद जजों, वकीलों और स्टाफ को संबोधित करने के दौरान सीजेआई ने सीनियर जजों को निजी महत्वाकांक्षाओं से परे उठने की नसीहत दी। सुप्रीम कोर्ट के सीनियर जजों का नाम लिए बिना सीजेआई ने कहा कि एक व्यवस्था की आलोचना करना, उस पर हमले करना और उसे नष्ट करना बहुत ही आसान है जबकि उस व्यवस्था को चलाना चुनौतीपूर्ण और मुश्किल होता है। इसके लिए अपनी व्यक्तिगत आकांक्षाओं से ऊपर उठना होता है।

न्यायपालिका के आलोचकों पर निशाना साधते हुए प्रधान न्यायाधीश ने कहा, 'सकारात्मक सोच के साथ रचनात्मक कदम उठाने की जरूरत है। साथ ही तार्किकता, परिपक्वता और जिम्मेदारी के साथ स्पष्ट एवं ठोस सुधार किए जा सकते हैं। अहितकारी होने के बजाय रचनात्मक होना जरूरी है तभी जाकर संस्थान नई ऊंचाइयां प्राप्त करेगा।'

चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा ने कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों ने आपकी तारीफ पाने के लिए लड़ाई नहीं लड़ी। हमें उनके सपनों का भारत बनाना है। ये उनका सम्मान होगा। चीफ जस्टिस ने गोखले, तिलक के बाद गांधी को याद करते हुए कहा कि गांधी का सबसे बड़ा योगदान ये है कि उन्होंने भारतीयों के दिमाग से डर हटा दिया। गुलामी की भावना हटा दी। उन्होने ने कहा कि कुछ ताकतें न्यायपालिका को कमज़ोर करने की कोशिश करती हैं। हम सब मिल कर ऐसा नहीं होने देंगे।


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सतीश कुमार वर्मा

लेखक न्यूज वर्ल्ड इंडिया में वेब जर्नलिस्ट हैं

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