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शी जिनपिंग दोबारा बनेंगे चीन के राष्ट्रपति, कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना ने दी मंजूरी

सतीश वर्मा, न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| अक्टूबर 24 , 2017 , 11:46 IST

चीन की सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी ने राष्ट्रपति शी जिनपिंग के पांच साल के दूसरे कार्यकाल को मंजूरी दे दी और ऐसे कई नेताओं को नियुक्त किया जिन्हें शी का समर्थन है।

कम्युनिस्ट पार्टी की कांग्रेस ने दी मंजूरी

64 वर्षीय शी के दूसरे कार्यकाल को पार्टी ने सप्ताह भर चले कांग्रेस के सम्मेलन के समापन पर मंजूरी दी। कांग्रेस का यह सम्मेलन पांच साल में एक बार होता है। इस सम्मेलन में 2,350 से ज्यादा प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। यह सम्मेलन ग्रेट हॉल ऑफ पीपल में संपन्न हुआ जिसे चीन के कम्युनिस्ट नेतृत्व का सत्ता केंद्र समझा जाता है।

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कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना के पदक्रम में शी और प्रधानमंत्री ली क्विंग (62) पहले और दूसरे नंबर पर हैं। दोनों ही पांच पांच साल के दो कार्यकाल के आधार पर शीर्ष नेतृत्व पर बने रहेंगे। देश पर शासन करने वाली पार्टी की सात सदस्यीय स्टैंडिंग कमेटी के लिए पांच नए सदस्य चुने जाएंगे।

जमीनी स्तर से जिनपिंग ने की राजनीति की शुरूआत

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग उन कम नेताओं में से हैं, जिन्होंने जमीनी स्तर से राजनीति की शुरुआत की और आज किसी ताकतवर देश के शिखर पर पहुंच गए। उन्होंने मुश्किल भरी जिंदगी से लड़ते हुए अपना सफर जारी रखा। चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग का दोबारा राष्ट्रपति चुना जाना तय है। आइए जानते हैं चीन के राष्ट्रपति बनने जा रहे जिनपिंग से जुड़ी कुछ अहम बातें और कैसा रहा राष्ट्रपति बनने तक का सफर। बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक जिनपिंग ने एक गुफा में भी अपना जीवन यापन किया है, जहां कीड़े-मकोड़ों का डेरा होता था और खाने के लिए उन्हें दलिया, सब्जी आदि मिलती थी।

उनके पिता भी कम्युनिस्ट क्रांति के हीरो थे। ऐसे में शी ने एक राजकुमार वाली जिंदगी का भी एहसास था। साठ के दशक में माओ ने अपनी ही पार्टी के नेताओं पर जुल्म किया था, जिससे जिनपिंग पर भी काफी असर पड़ा था। इस दौरान उनके पिता को भी जेल में डाल दिया गया था।

पहले पार्टी के महासचिव बने फिर राष्ट्रपति

साम्यवादी पार्टी के अपने आरंभिक दौर में उन्होंने फूज्यान प्रांत में काम किया। उसके बाद उन्हें पड़ोस के झेजियांग प्रांत का पार्टी नेता नियुक्त किया गया। इसके उपरांत शंघाई में चेन लियांगयू के भ्रष्टाचार के आरोपों पर सेवा से निकाले जाने पर उन्हें उस महत्वपूर्व क्षेत्र का पार्टी प्रमुख बनाया गया।

शी ने 1971 में राजनीतिक करियर की शुरुआत की थी और वो कम्यूनिस्ट यूथ लीग ऑफ चाइना से जुड़े। उसके बाद 1974 में वो कम्यूनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना से जुड़े। उन्होंने 1982 से 2007 तक अलग अलग प्रांत में काम किया।

ये है जिनपिंग का राजनीतिक प्रोफाइल

पहले उन्हें सीसीसी का अतिरिक्त सदस्य बनाया गया और बाद में उन्हें 15वीं पार्टी कांग्रेस में सदस्य बनाया गया। पिता की राजनीति में वापसी से उनका करियर तेजी से आगे बढ़ा और बाद में सत्तर के दशक में वो सेना में शामिल हो गए। शी भ्रष्टाचार पर अपने कड़े रुख़ और राजनैतिक और आर्थिक व्यवस्था में सुधार लाने के लिए दो टूक बाते करने के लिए जाने जाते हैं। उन्हें चीनी साम्यवादी पार्टी के नेतृत्व की पांचवी पीढ़ी का प्रधान कहा जाता है। धीरे-धीरे ऊंचाइयों पर बढ़ रहे जिनपिंग के करियर में 15 नवम्बर 2012 इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया, क्योंकि उन्हें इस दिन चीनी कम्यूनिस्ट पार्टी का महासचिव घोषित किया गया। बता दें कि पार्टी का महासचिव ही देश के राष्ट्रपति होता है।

बताया जा रहा है कि एक बार फिर जिनपिंग को ही राष्ट्रपति बनाया जा सकता है। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने तख्तापलट की एक कोशिश को नाकाम कर दिया। यह कोशिश उनके राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी और दिग्गज नेताओं की तरफ से हुई थी।

 


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