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टाटा संस के खिलाफ साइरस मिस्त्री को लगा झटका, NCALT ने खारिज की याचिका

icon अमितेष युवराज सिंह | 0
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| अगस्त 24 , 2018 , 13:52 IST

टाटा के खिलाफ साइरस मिस्त्री और उनके परिवार को एक और झटका लगा है। नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल (NCALT) ने मिस्त्री की उस याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें उन्होंने टाटा संस लिमिटेड को प्राइवेट कंपनी बनाने के फैसले के खिलाफ रोक लगाने की गुहार लगाई थी।

NCALT चैयरमैन जस्टिस SJ मुखापाध्याय की अध्यक्षता वाली दो जजों की पीठ ने मिस्त्री की याचिका पर किसी तरह का अंतरिम आदेश देने से इनकार कर दिया। हालांकि बेंच ने टाटा समूह से कहा है टाटा ग्रुप होल्डिंग कंपनियों की ओर से परेशान किए जाने के मिस्त्री के आरोप पर जब तक आखिरी फैसला नहीं आ जाता, तब वह छोटे शेयरहोल्डर्स के स्टेक को नहीं बेचे। इस मामले पर अगली सुनवाई 24 सितंबर को होगी।

बता दें कि मिस्त्री को 24 सितंबर 2016 को पद से हटा दिया गया था। NCLAT में मिस्त्री की ओर से पेश सीनीयर एडवोकेट सीए सुंदरम ने दावा किया कि टाटा समूह को प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के रूप में तब्दील करने का कोई तत्कालिक कारण नहीं था। इसे तब के लिए रोक दिया जाए तब तक कि समूह के चेयरमैन पद से हटाए जाने की मिस्त्री की याचिका पर कोई फैसला नहीं आ जाता है।

मामले में टाटा संन्स की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनू सिंघवी ने कोई को बताया कि रजिस्टार ऑफ कंपनीज ने टाटा संस के प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के तौर पर इसी माह 6 अगस्त को मान्यता दी है।

मिस्त्री परिवार के पास 18.4% शेयर

सितंबर 2017 में टाटा सन्स को प्राइवेट लिमिटेड में बदलने के लिए शेयरधारकों की मंजूरी मिली थी। ऐसा होने की वजह से मिस्त्री परिवार अपने शेयर बाहरी निवेशक को नहीं बेच सकता। जबकि, पब्लिक लिमिटेड कंपनी के शेयरधारक किसी को भी अपने हिस्सेदारी बेच सकते हैं।
मिस्त्री परिवार का शपूरजी पालोनजी ग्रुप टाटा सन्स में 18.4% हिस्सेदारी के साथ सबसे बड़ा नॉन प्रमोटर शेयरहोल्डर है।


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अमितेष युवराज सिंह

लेखक न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में असिस्टेंट एग्जीक्यूटिव एडिटर हैं

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