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राफेल डील: रिलायंस को हमने खुद चुना, मैं झूठ नहीं बोलता- एरिक ट्रेपिए

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| नवंबर 13 , 2018 , 11:54 IST

राफेल डील पर राहुल गांधी के आरोपों का दैसो कंपनी के सीईओ एरिक ट्रेपिए ने जवाब दिया है। न्यूज ऐजेंसी एएनआई को दिए इंटरव्यू में एरिक ट्रेपिए ने राहुल गांधी के आरोपों को बेबुनियाद करार दिया है। एरिक ने कहा कि हमने रिलाइंस को खुद चुना। एरिक ने राहुल गांधी के बयान पर निराशा जताते हुए कहा है कि कांग्रेस के साथ हमारा लंबा अनुभव रहा है, राहुल का यह निराशाजनक है।

एरिक ने कहा कि साल 1953 में भारत के साथ हुई डील भारत के पहले पीएम नेहरू के साथ थी। हम लंबे समय से भारत के साथ काम कर रहे हैं। हम किसी पार्टी के लिए काम नहीं करते हैं। हम भारतीय वायु सेना और भारत सरकार को फाइटर जेट जैसे रणनीतिक प्रॉडक्ट सप्लाई करते हैं। यह सबसे ज्यादा जरूरी है।

एरिक ने कहा कि रिलायंस के अलावा हमारे 30 दूसरे पार्टनर भी हैं। इंडियन एयरफोर्स राफेल डील का इसलिए समर्थन कर रहा है क्योंकि उन्हें लड़ाकू विमानों की जरूरत है। एरिक ने कहा कि 36 राफेल विमानों की कीमत भी उतनी ही रखी गई जितनी 18 विमानों की थी। जबकि, कीमत दोगुनी होनी चाहिए थी। लेकिन, दो सरकारों के बीच बातचीत के बाद कीमत तय हुई थी।

रिलायंस को ही ऑफसेट पार्टनर चुनने के पीछे के कारणों पर दबाव देकर पूछे गए सवाल पर कहा कि इसमें निवेश किया गया पैसा सीधे तौर पर रिलायंस को नहीं जाएगा, बल्कि यह एक जॉइंट वेंचर को जाएगा। दसॉ भी इसका हिस्सा है। ट्रैपियर से जब पूछा गया कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा था कि दसॉ रिलायंस ग्रुप को ऑफसेट पार्टनर चुनने को लेकर झूठ बोल रहा है तो उन्होंने कहा, 'मेरी छवि झूठ बोलने वाले व्यक्ति की नहीं है। मेरी पॉजिशन पर आकर आप झूठ बोलने का रिस्क नहीं ले सकते।

बता दें कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी आरोप लगाया था कि राफेल सौदे के लिए दैसो और रिलायंस के ज्वाइंट वेंचर के बारे में ट्रेपिए ने झूठ बोला था। राहुल गांधी ने कहा था कि मोदी सरकार ने पक्षपात कर अनिल अंबानी की कंपनी को राफेल डील दिलवाई। इसमें दैसो कंपनी की भी मिलीभगत थी।


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