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घातक वॉरशिप INS किलटन नेवी में हुआ शामिल, दुश्मनों को मिलेगा मुंहतोड़ जवाब

icon अमितेष युवराज सिंह | 0
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| अक्टूबर 16 , 2017 , 12:40 IST

रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण और सेना प्रमुख एडमिरल सुनील लांबा की उपस्थिति में देश के सबसे घातक वॉरशिप आईएनएस किल्टन को नौसेना में शामिल किया गया है। आपको बता दें कि किलटन के नौसेना में शामिल होने से नौसेना की ताकत और मजबूत हो गई है। यह युद्धपोत पानी के भीतर पनडुब्बी को मार गिराने में सक्षम है। सबमरीन का खात्मा करने की क्षमता रखने वाला किल्टन वॉरशिप स्वदेशी है।

नौसेना डॉकयार्ड की ओर से जारी बयान के मुताबिक इस सबमरीन को प्रोजेक्ट 28 के तहत तैयार किया गया है। इसे डायरेक्टोरेट ऑफ नेवल डिजाइन ने आकार दिया है और कोलकाता के गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स ने इसका निर्माण किया है। सोमवार को कमिशनिंग सेरेमनी के दौरान रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण इसका उद्धाटन कर इसे नौसेना में शामिल किया।

इस कार्यक्रम में नौसेना प्रमुख एडमिरल सुनील लान्बा और अन्य मेहमान भी मौजूद रहे। आईएनएस किल्टन उन चार एएसडब्ल्यू कार्वेट्स में से एक है जिन पर करीब 7800 करोड़ रुपये खर्च ‌हुए हैं।

INS किल्टन की खासियत:

आईएनएस किल्टन की खास बात है कि ये दुश्मन के जहाजों को पता लगाने और भारतीय जहाजों को सुरक्षा प्रदान करने में सक्षम है। किल्टन की कई खासियतें हैं, जिनमें सबसे बड़ी यह है कि यह मॉडर्न टेक्नोलॉजी के साथ बनी है। ये नेवी का पहला ऐसा वॉरशिप है जिसमें स्वीडन से आए कार्बन फाइबर का इस्तेमाल किया गया है।

इस युद्धपोत को भारी-भरकम टारपीडो के साथ ही एएसडब्लू रॉकेटों से लैस किया गया है। बता दें कि आईएनएस किल्टन सभी प्रमुख हथियारों और सेंसर के समुद्री टेस्ट्स को शुरू करने वाला पहला वॉरशिप भी हैं। यह वॉरशिप 109 मीटर लंबी और बीम में 14 मीटर की दूरी पर है। यह 4 डीजल इंजनों द्वारा 25 समुद्री मील से अधिक 3,450 समुद्री मील की गति पर तैर सकता है।

यह 13 अधिकारियों और 178 नाविकों के चालक दल द्वारा संचालित किया जाएगा। आईएनएस किल्टन के हथियारों में भारी वजन टारपीडो, एएसडब्ल्यू रॉकेट, 76 एमएम कैलिबर श्रेणी की बंदूक और दो बहु बैरल 30 एमएम बंदूकें शामिल हैं।

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अमितेष युवराज सिंह

लेखक न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में असिस्टेंट एग्जीक्यूटिव एडिटर हैं

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