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30 साल का हुआ 'World Wide Web' , गूगल ने www के जन्मदिन पर बनाया खास डूडल

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| मार्च 12 , 2019 , 11:18 IST

गूगल ने मंगलवार को डूडल के जरिए वल्र्ड वाइड वेब (www) के 30 साल पूरे होने का जश्न मनाया। अंग्रेजी वैज्ञानिक टिम बर्नर्स-ली ने 1989 में www का आविष्कार किया और 1990 में पहला वेब ब्राउजर लिखा था। स्विट्जरलैंड स्थित सर्न कंपनी में काम करने के दौरान बर्नर्स-ली ने www की मूल अवधारणाओं को एक प्रस्ताव में सामने रखा था जिसमें एचटीएमएल, यूआरएल और एचटीटीपी जैसे फंडामेंटल शामिल थे।

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'सूचना प्रबंधन : एक प्रस्ताव' शीर्षक वाले दस्तावेज में उन्होंने डॉक्यूमेंट्स को लिंक करने के लिए हाइपरटेक्स्ट के उपयोग की कल्पना की थी। www जिसे आमतौर पर वेब के रूप में जाना जाता है, एक सूचना स्थान है जहां डॉक्यूमेंट्स और अन्य वेब रिसोर्सेज की पहचान यूनिफॉर्म रिसोर्स लोकेटर (यूआरएल) द्वारा की जाती है।

पहला वेब ब्राउजर वर्ष 1991 में जारी किया गया था, जिसे पहले शोध संस्थानों और फिर उसी साल इंटरनेट पर आम जनता के लिए शुरू कर दिया गया।

दुनिया को इंटरनेट का तोहफा देने वाले टिम बर्नर ली इंग्लैंड में जन्मे और शुरुआती पढ़ाई के बाद से ही उनका जुड़ाव इस दिशा में हुआ। क्वींस कॉलेज और ऑक्सफर्ड यूनिवर्सिटी में पढ़ाई करने के बाद 1976 में उन्हें फिजिक्स में डिग्री मिली। उन्हें गणित की भी अच्छी जानकारी थी।

उन्हें हमेशा माता-पिता का समर्थन मिला। जेनेवा स्थित यूरोपीय नाभिकीय अनुसंधान संगठन (CERN) में काम करने के दौरान टिम ने इंटरनेट और वर्ल्ड वाइड वेब तैयार किया। सबसे पहले इसका प्रयोग 1989 में टिम बर्नर ली की सर्न लैब में ही किया गया था।

वर्ल्ड वाइड वेब को पहले सर्न ने अपने अधिकार में ही रखा था, लेकिन बाद में 1992 में इसे जारी कर दिया गया। अगले साल 1993 से पूरी दुनिया को इसका ऐक्सेस मिल गया। वर्ल्ड वाइड वेब क्या है, इसे समझने के लिए हम एक वेबपेज का उदाहरण ले सकते हैं। इस पेज में टेक्स्ट, फोटोज, विडियोज और बाकी मल्टीमीडिया आपको दिखता है।

इन्हें आपस में जोड़ने के लिए हाइपरलिंक की मदद ली जाती है। इंटरनेट से इन फाइल्स को पाने का तरीका ही डबल्यूडबल्यूडबल्यू है क्योंकि यह सभी फाइल्स और पेजेस को आधार प्रदान करता है।

 


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