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SC के आदेश की जमकर उड़ी धज्जियां, दिल्ली के कई इलाकों में सांस लेने में दिक्कत

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| नवंबर 8 , 2018 , 08:59 IST

दिवाली की अगली सुबह यानी गुरुवार की सुबह जब लोगों ने आंखें खोलीं तब तक प्रदूषण अपने चरम पर पहुंच चुका था। राजधानी दिल्ली का साउथ ब्लॉक एवं आसपास का इलाका स्मॉग की मोटी चादर से ढका था। गुरुवार को जारी एयर क्वॉलिटी इंडेक्स में दिल्ली की हवा 'खतरनाक' स्तर पर पहुंच गई है। इसके एक बड़ी वजह रही पटाखों को लेकर सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन का उल्लंघन।

दरअसल सुप्रीम कोर्ट ने ने पटाखे फोड़ने को लेकर रात 8 से 10 बजे की समयसीमा तय की थी पर लोगों ने इस आदेश का उल्लंघन किया। अधिकारियों ने बताया कि कई इलाकों में शाम से ही पटाखे फोड़ने की शुरुआत हो गई, जो देर रात तक जारी रही। बुधवार शाम से सुप्रीम कोर्ट के आदेश के खिलाफ जाकर तय समय से पहले और बाद में भी दिल्ली-एनसीआर में लोगों ने जमकर पटाखे फोड़े। इससे हवा में प्रदूषण का स्तर बहुत बढ़ गया।

एयर क्वॉलिटी इंडेक्स के मुताबिक, आनंद विहार में प्रदूषण का स्तर 999, अमेरिकी राजदूतावास, चाणक्यपुरी में 459 और मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम में एक्यूआर 999 रहा। प्रदूषण का यह स्तर खतरनाक श्रेणी में आता है।

उधर लोधी रोड इलाके में पीएम 2.5 और पीएम 10 का स्तर 500 दर्ज किया गया। इससे पहले दिवाली के दिन बुधवार को शाम 7 बजे AQI 286 रेकॉर्ड किया गया था जो रात 8 बजे 405 के स्तर पर पहुंच गया। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार बुधवार रात 9 बजे स्थिति और खराब हो गई और AQI 514 पर पहुंच गया।

सुप्रीम कोर्ट ने दिया था आदेश

सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में सिर्फ ग्रीन पटाखों  के निर्माण और बिक्री की अनुमति दी थी। ग्रीन पटाखों से कम प्रकाश और ध्वनि निकलती है और इसमें कम हानिकारक रसायन होते हैं। कोर्ट ने पुलिस से इस बात को सुनिश्चित करने को कहा था कि प्रतिबंधित पटाखों की बिक्री नहीं हो सकती है। कोर्ट ने दिवाली के दिन रात 8 से 10 बजे तक ही पटाखे फोड़ने का निर्देश दिया था।


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