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CBIvsCBI: अस्थाना को मिली राहत, दिल्ली HC ने 28 नवंबर तक गिरफ्तारी पर रोक लगाई

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| नवंबर 14 , 2018 , 15:25 IST

पिछले कुछ दिनों से सीबीआई में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है। सीबीआई के निदेशक आलोक वर्मा और विशेष निदेशक राकेश अस्थाना के बीच अतंर्कलह देखने को मिल रही है। दोनों अधिकारियों ने एक-दूसरे पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। अब इस मामले में बुधवार को दिल्ली हाईकोर्ट ने सीबीआई के विशेष निदेशक राकेश अस्थाना की अंतरिम राहत 28 नवंबर तक के लिए बढ़ा दी है।

इससे पहले बीते शनिवार को इस पूरे विवाद पर सीबीआई के विशेष निदेशक राकेश अस्थाना ने सफाई दी थी। उन्होंने कहा था कि हैदराबाद के व्यवसायी सतीश बाबू सना ने उन्हें जिस समय घूस देने की बात कही है, उस दौरान वह लंदन गए हुए थे। रिपोर्ट्स के अनुसार अस्थाना ने इस दावे को भी खारिज किया है कि व्यवसायी ने उनसे उस दौरान दिल्ली स्थित दफ्तर में मुलाकात की थी। गौरतलब है कि सीबीआई में शुरू हुई इस जंग का पता तब चला जब जांच एजेंसी ने अपने विशेष निदेशक राकेश अस्थाना के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई। इसके बाद अस्थाना ने केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) को पत्र लिखा और कहा कि आलोक वर्मा ने उस व्यवसायी से घूस ली है जिसके मामले की जांच एजेंसी कर रही है।

इसके बाद मामला बढ़ने पर पिछले महीने केंद्र सरकार ने दोनों अधिकारियों को छुट्टी पर भेज दिया। वहीं दोनों अधिकारियों पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच करने का जिम्मा सीवीसी को सौंप दिया गया। जांच से जुड़े सूत्रों ने कहा कि मुख्य गवाह सतीश बाबू सना राकेश अस्थाना के खिलाफ दिए अपने बयान पर अडिग है। दोनों अधिकारियों ने एक दूसरे पर इस व्यवसायी से घूस लेने का आरोप लगाया है

कैसे हुई विवाद की शुरुआत

सीबीआई के दोनों अधिकारियों वर्मा और अस्थाना ने एक-दूसरे पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। इतना ही नहीं सीबीआई ने अपने नंबर दो के अधिकारी के खिलाफ 15 अक्तूबर को एफआईआर दर्ज की थी। वहीं अस्थाना ने 24 अगस्त को वर्मा के खिलाफ कैबिनेट सचिव को पत्र लिखा था। कैबिनेट सचिव ने अस्थाना की शिकायत को सीवीसी के पास भेज दिया था।

अस्थाना की शिकायत के दो महीने बाद सीबीआई ने उनके, सीबीआई डीएसपी देवेंद्र कुमार, मनोज प्रसाद और सोमेश प्रसाद के खिलाफ 15 अक्तूबर को सतीश बाबू के 4 अक्तूबर को दिए बयान के आधार पर एफआईआर दर्ज की थी। अस्थाना ने वर्मा पर हैदराबाद के व्यवसायी सतीश बाबू सना से 2 करोड़ रुपये घूस के तौर पर लेने का आरोप लगाया है। सना से जांच एजेंसी मीट निर्यातक मोईन कुरैशी से संबंधित मामलों में पूछताछ कर रही थी।

सना का दावा है कि उसने पूछताछ से बचने के लिए सीबीआई के विशेष निदेशक अस्थाना को 3 करोड़ रुपये की घूस दी थी। अस्थाना से उनकी डील दो भाईयों सोमेश और मनोज प्रसाद ने करवाई थी। उनका कहना था कि यदि वह 5 करोड़ रुपये दे देगा तो उसे इस मामले से राहत मिल जाएगी। जिसके लिए वह तीन करोड़ रुपये इन भाईयों को दे चुका था। इसके अलावा सना ने दिल्ली में अस्थाना से मुलाकात करने का दावा किया था।


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