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दिल्ली हाईकोर्ट ने दी 'आप' को बड़ी राहत, 20 विधायकों की सदस्यता बहाल

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| मार्च 23 , 2018 , 15:28 IST

हाईकोर्ट ने दिल्ली में अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी को बड़ी राहत का फैसला सुनाते हुए चुनाव आयोग के फैसले को बदल दिया है। चुनाव आयोग ने जनवरी में 20 विधायकों की सदस्यता इसलिए रद कर दी थी क्योंकि वो लाभ के पद पर थे, लेकिन आज के फैसले में कोर्ट ने आयोग के फैसले को बदलते हुए विधायकों की सदस्यता बहाल कर दी है।

जस्टिस संजीव खन्ना और जस्टिस चंद्रशेखर की बेंच ने 28 फरवरी को चुनाव आयोग और विधायकों की ओर से बहस पूरी करने के बाद अपना आदेश सुरक्षित रख लिया था।

24 फरवरी को दिल्ली हाईकोर्ट की एकल पीठ ने 20 विधायकों को अयोग्य घोषित करने संबंधी केंद्र सरकार की अधिसूचना पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था। 19 फरवरी को आयोग ने राष्ट्रपति को विधायकों को आयोग्य घोषित करने की सिफारिश भेजी थी जिस पर राष्ट्रपति ने अपनी मोहर लगा दी थी।

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने फैसले का स्वागत करते हुए ट्वीट किया, 'सत्य की जीत हुई।' केजरीवाल ने आगे लिखा, 'दिल्ली के लोगों द्वारा चुने हुए प्रतिनिधियों को गलत तरीके से बर्खास्त किया गया था। हाई कोर्ट ने दिल्ली के लोगों को न्याय दिया। दिल्ली के लोगों की बड़ी जीत। दिल्ली के लोगों को बधाई।'

उधर, AAP नेता अलका लांबा ने बीजेपी पर हमला बोलते हुए कहा कि कोर्ट के फैसले के बाद सभी 20 विधायक बने रहेंगे, उन्हें मुंह की खानी पड़ी है जो सरकार गिराने की कोशिश कर रहे थे।

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बाद में AAP विधायकों ने हाई कोर्ट में दायर की गई अपनी पहली याचिका को वापस लेकर नए सिरे से याचिका डाली और अपनी सदस्यता रद्द किए जाने को चुनौती दी। बता दें कि 2015 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में 70 में से 67 सीटें जीतकर प्रचंड बहुमत से सरकार बनाने वाले अविंद केजरीवाल ने 21 विधायकों को संसदीय सचिव नियुक्त किया था। उनमें से एक विधायक जरनैल सिंह भी थे जिन्होंने बाद में अपने पद से इस्तीफा दे दिया था।

विधायक जिनकी सदस्यता गई थी-:
1. प्रवीण कुमार- जंगपुरा से विधायक थे। इन्हें शिक्षा मंत्री का संसदीय सचिव बनाया गया था।
2. शरद कुमार- नरेला से विधायक थे। इन्हें राजस्व मंत्री का संसदीय सचिव बनाया गया था।
3. आदर्श शास्त्री- द्वारका से विधायक थे। उन्हें सूचना-प्रौद्योगिकी मामलों के मंत्री का सचिव बनाया गया था।
4. मदन लाल- कस्तूरबा नगर से विधायक थे। इन्हें विजिलेंस मिनिस्टर का संसदीय सचिव बनाया गया था।
5. शिव चरण गोयल- मोती नगर से विधायक थे। इन्हें फाइनैंस मिनिस्टर का संसदीय सचिव बनाया गया था।
6. संजीव झा- बुराड़ी से विधायक थे। इन्हें ट्रांसपॉर्ट मिनिस्टर का संसदीय सचिव बनाया गया था।
7. सरिता सिंह- रोहतास नगर से विधायक थे। इन्हें एंप्लॉयमेंट मिनिस्टर का सचिव बनाया गया था।
8. नरेश यादव- मेहरौली से विधायक थे। उन्हें लेबर मिनिस्टर का संसदीय सचिव बनाया गया था।
9. राजेश गुप्ता- वजीरपुर से विधायक थे। उन्हें हेल्थ मिनिस्टर का संसदीय सचिव बनाया गया था।
10. राजेश ऋषि- जनकपुरी से विधायक थे। उन्हें हेल्थ मिनिस्टर का संसदीय सचिव बनाया गया था।
11. अनिल कुमार वाजपेयी- गांधी नगर से विधायक थे। उन्हें हेल्थ मिनिस्टर का संसदीय सचिव बनाया गया था।
12. सोम दत्त- सदर बाजार से विधायक चुने गए थे। वह इंडस्ट्रीज मिनिस्टर के संसदीय सचिव बनाए गए थे।
13. अवतार सिंह- कालकाजी से विधायक निर्वाचित हुए थे। उन्हें गुरुद्वारा चुनाव मामलों के मंत्री का संसदीय सचिव बनाया गया था।
14. विजेंदर गर्ग विजय- राजेंद्र नगर से विधायक थे। उन्हें PWD मिनिस्टर का संसदीय सचिव नियुक्त किया गया था।
15. जरनैल सिंह- तिलक नगर से विधायक थे। उन्हें डिवेलपमेंट मिनिस्टर का संसदीय सचिव बनाया गया था।
16. कैलाश गहलोत- नजफगढ़ से विधायक थे। उन्हें लॉ मिनिस्टर का संसदीय सचिव बनाया गया था।
17. अलका लांबा- चांदनी चौक से विधायक चुनी गई थीं। उन्हें पर्यटन मंत्री का संसदीय सचिव बनाया गया था।
18. मनोज कुमार- कोंडली से चुनाव जीते थे। उन्हें खाद्य और नागरिक आपूर्ति मामलों के मंत्री का सचिव बनाया गया था।
19. नितिन त्यागी- लक्ष्मी नगर से विधायक चुने गए थे। उन्हें महिला और बाल एवं सामाजिक कल्याण मंत्री का संसदीय सचिव बनाया गया था।
20. सुखवीर सिंह- मुंडका से चुनाव जीते थे। उन्हें भाषा और SC/ST/OBC कल्याण मामलों के मंत्री का संसदीय सचिव बनाया गया था।


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