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केंद्र सरकार ने पहली बार माना, किसानों पर नोटबंदी का हुआ बुरा असर

दीपक गुप्ता, न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| नवंबर 21 , 2018 , 12:38 IST

साल 2016 में केंद्र सरकार के एक फैसले को विपक्ष सदैव दुर्भाग्यपूर्ण करार देता रहा, तो सरकार उसे अपनी जनता के फायदेमंद साबित करने में लगी रही और लोगों के नोटबंदी पर तर्क देने में वह काफी हद तक सफल भी साबित हुई।

GGGलेकिन अब केंद्र सरकार के ही कृषि मंत्रालय ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा है कि किसानों पर नोटबंदी के फैसले का काफी बुरा असर पड़ा था से जुड़ी संसद की एक स्थायी समिति की बैठक में कृषि मंत्रालय ने माना है कि नगदी की कमी के चलते लाखों किसान रबी सीजन में बुआई के लिए बीज-खाद नहीं खरीद सके जिसका उनपर काफी बुरा असर पड़ा कृषि मंत्रालय ने नोटबंदी के असर पर एक रिपोर्ट भी संसदीय समिति को सौंपी है।

किसानों नहीं खरीद सके बीज

कृषि मंत्रालय ने अपनी रिपोर्ट में माना है कि नोटबंदी की वजह से किसानों पर बुरा असर पड़ा। नकदी की कमी की वजह से किसान न तो बीज ही खरीद सके, और न ही बो सके। इससे किसानों को काफी नुकसान हुआ है।Far

किसान नहीं कर सके बुआई

रिपोर्ट में कहा गया है कि नोटबंदी ऐसे समय पर हुई जब किसान या तो अपनी खरीफ की पैदावार बेच रहे थे या फिर रबी फसलों की बुआई कर रहे थे। ऐसे समय में किसानों को नगदी की बेहद जरूरत होती है, पर उस समय कैश की किल्लत के चलते लाखों किसान बीज और खाद नहीं खरीद सके।

कैश की किल्लत से नहीं बिका बीज

मंत्रालय ने बताया कि कैश की किल्लत के चलते राष्ट्रीय बीज निगम के लगभग 1 लाख 38 हजार क्विंटल गेहूं के बीज नहीं बिक पाए थे। हालांकि सरकार ने बाद में गेहूं के बीज खरीदने के लिए 1000 और 500 रुपए के पुराने नोटों के इस्तेमाल की छूट दे दी थी। कृषि मंत्रालय की रिपोर्ट में कहा गया है कि सरकार की इस छूट के बाद भी बीज के बिक्री में कोई खास तेजी नहीं आई थी।

क्या पड़ेगा चुनावों पर असर ?

पांच राज्यों में चुनाव और 2019 में लोकसभा चुनावों से पहले कृषि मंत्रालय की रिपोर्ट किसानों के मन क्या असर डालेगी, ये तो वक्त ही बताएगा, लेकिन नोटबंदी पर सरकार को घेरने के लिए विपक्ष इसे एक बड़े हथियार के रुप में जरुर इस्तेमाल करने की कोशिश करेगा।

नोटबंदी एक कड़वी दवा- पीएम

बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नोटबंदी को चुनावी रैलियों में उस कड़वी दवा की तरह बताते हैं, जो खाते समय तो कड़वी लगती है लेकिन इसके दूरगामी परिणाम अच्छे होते है। मध्य प्रदेश के झबुआ में भी पीएम मोदी ने आदिवासियों को संबोधित करते हुए कहा था कि कहा था कि काला धन बैंकिग सिस्टम में वापस लाने के लिए नोटबंदी एक ‘कड़वी दवा’ थी।


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