राजनीति

तमिलनाडु में सत्ता की जंग: शशिकला ने सरकार बनाने का दावा किया पेश

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| फरवरी 9 , 2017 , 21:27 IST

तमिलनाडु में सत्ता की जंग अब तेज हो गई है। विधानसभा में शक्ति परीक्षण के लिए शशिकला गुट ने राज्यपाल विद्यासागर राव से मिलकर सरकार बनाने के लिए अपना दावा ठोक दिया है। गुरूवार देर शाम शशिकला ने राज्यपाल से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश किया। हालांकि इस बीच राज्यपाल से मिलने पन्नीरसेल्वम भी राजभवन गए थे। 

शशिकला ने राज्यपाल को विधायकों के समर्थन वाली चिट्ठी सौंपी और सरकार बनाने का दावा पेश किया। शशिकला के साथ तमिलनाडु सरकार के तमाम मंत्री भी राजभवन पहुंचे। 

इससे पहले राज्यपाल से मुलाकात के बाद पन्नीरसेल्वम ने कहा कि वो अपना इस्तीफा वापस लेने के लिए तैयार हैं, क्योंकि दबाव डालकर उनसे इस्तीफा लिया गया था। पन्नीरसेल्वम ने कहा कि राज्यपाल ने फिलहाल कोई आश्वासन नहीं दिया है।

शशिकला ने विधायकों और पार्टी नेताओं के साथ की मीटिंग

राज्यपाल से मिलने से पहले शशिकला ने एआईएडीएमके के वरिष्ठ नेताओं के साथ पोएस गार्डन में मीटिंग की। शशिकला का दावा है कि 134 में 132 विधायक उनके साथ हैं। दूसरी ओर पन्नीरसेल्वम 50 विधायकों के समर्थन का दावा कर रहे हैं। अब राज्यपाल को फैसला करना है। पन्नीरसेल्वम ने शशिकला गुट पर विधायकों का अपहरण कर उन्हें बंधक बनाने का आरोप लगाया है।

बता दें कि तमिलनाडु में चल रहे राजनीतिक संकट के बीच राज्यपाल सी विद्यासागर राव गुरूवार शाम चेन्नेई पहुंचे। माना जा रहा है कि राज्यपाल शशिकला पर चल रहे आय से अधिक संपत्ति के मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार करेंगे। उम्मीद है कि अगले सप्ताह इस मामले में सुप्रीम कोर्ट अपना फैसला सुना सकता है।

उधर, कार्यकारी मुख्यमंत्री ओ. पनीरसेल्वम ने कहा है कि वह अभी भी अन्नाद्रमुक के कोषाध्यक्ष हैं। पनीरसेल्वम ने दो बैंकों को पत्र लिखकर कहा कि वे किसी अन्य को पार्टी के खातों को संचालित नहीं करने दें। पनीरसेल्वम ने मैलापोर क्षेत्र स्थित दोनों बैंकों को लिखे अलग अलग पत्रों में कहा कि पार्टी के प्रासंगिक नियम के तहत वह अभी भी अन्नाद्रमुक के कोषाध्यक्ष हैं। पत्र करूर व्यासा बैंक और बैंक आफ इंडिया के मुख्य प्रबंधकों को संबोधित किया गया था। उन्होंने आगे कहा कि पार्टी संविधान का नियम 20 कहता है कि पार्टी महासचिव पार्टी के प्राथमिक सदस्यों द्वारा चुना जाएगा।

उन्होंने पत्र में लिखा है कि जयललिता के निधन के बाद खाली हुआ अन्नाद्रमुक महासचिव का पद अभी भी खाली है क्योंकि उपरोक्त पद के लिए चयन पार्टी संविधान के नियम 20, उपखंड दो के तहत अभी होना बाकी है।

राजनीतिक संकट की ये लड़ाई दिल्ली तक पहुंच गई है। एआईएडीएमके के सांसद दिल्ली जाकर राष्ट्रपति से मुलाकात किया। एआईएडीएमके ने आरोप लगाया था कि पनीरसेल्वम की बगावत की आड़ में राज्य में राष्ट्ररपति शासन लगाया जा सकता है।


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