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धनतेरस पर इन विधियों से करें पूजन, घर में होगी धनवर्षा

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| नवंबर 5 , 2018 , 09:53 IST

धनतेरस के साथ ही देश में सोमवार से बड़ी त्योहार दिवाली का शुरूआत हो रहा है। देशभर में लोग इन दिनों धनतेरस और दिवाली की तैयारियों में लगे हैं। जहां 5 नवंबर को धनतेरस वहीं 7 नवंबर को दीपावली का त्योहार मनाया जाएगा। धार्मिक मान्यता के अनुसार कार्तिक महीने के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को धनतेरस का त्योहार मनाया जाता है। इस दिन पूजा-पाठ करने से विशेष फल मिलता है।

क्या है पूजन मुहूर्त

धनतेरस के दिन खरीदारी करना जरूरी माना गया है। खरीदारी और पूजन मुहूर्त की बात करें तो शाम 6 बजे से लेकर रात 8.15 तक समय सबसे शुभ है। वहीं लक्ष्मी और कुबेर का पूजन स्थिर लग्न में करना अच्छा माना गया है। ऐसे में शाम 7 बजे से लेकर 8.25 तक पूजन के लिए सबसे अच्छा मुहूर्त है। क्यों कि इस समय वृष लग्न रहेगा।

पूजन की सही विधि

लकड़ी की चौकी पर लाल कपड़ा बिछाकर गणेश लक्ष्मी, कुबेर की प्रतिमा स्थापित करें। इसके बाद इन मंत्रों से गणेश और लक्ष्मी का ध्यान करें।

गजाननं भूतगणादि सेवितं, कपित्थ जम्बूफलसार भक्षितम् ।
उमासुतं शोक विनाशकारणं, नमामि विघ्नेश्वर पादपङ्कजम्।।
पद्मालये नमस्तुभ्यं नमस्तुभ्यं च सर्वदे । सर्व भूत हितार्थाय, वसु सृष्टिं सदा कुरुं ।।

इसके बाद गणेश, मां लक्ष्मी को फूल का आसन दें और फिर स्नान कराएं, वस्त्र पहनाएं। रोली, सिंदूर, दूर्वा, जनेऊ फूल माला चढ़ाएं और फिर इत्र लगाएं। धूप-दीपक दिखाकर भोग लगाएं, दक्षिणा के बाद हाथ जोड़कर प्रार्थना करें।

ॐ महालक्ष्म्यै च विद्महे विष्णु पत्न्यै च धीमहि तन्नो लक्ष्मी प्रचोदयात् ।।

इसके बाद भगवान कुबेर और धनवंतरी का पूजन करें। अगर कुबेर की मूर्ति न हो तो कुबेर यंत्र की पूजा करें। रोली से बही खाते पर स्वास्तिक का चिन्ह बनाएं। इसके बाद बही खाते के ऊपर "श्री गणेशाय नम:" लिखना चाहिए। पूजन के आरती करें। और हाछ जोड़कर प्रार्थना करें।

आचार्य कमल नयन तिवारी


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