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CBSE पेपर लीक: विद्यार्थी परिषद का संयोजक गिरफ्तार, 6 छात्रों को भेजा गया जेल

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| मार्च 31 , 2018 , 16:26 IST

सीबीएसई पेपर लीक मामले में पुलिस की जांच तेज हो गई है। इस मामले में पुलिस ने अभाविप के जिला संयोजक सतीश पांडेय को गिरफ्तार कर लिया है। पेपर लीक का राज 28 मार्च को जवाहर नवोदय विद्यालय परीक्षा केंद्र पर खुला था। जिसमें कुल छह आरोपी छात्र जेल भेजे गए जा चुके हैं। एसपी ने मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया है।  

पेपर लीक मामले में चतरा पुलिस ने सूत्रधार सहित 12 को दबोच लिया है। इनमें पटना के रामनगर से गिरफ्तार दो छात्र, चतरा के आठ छात्र और दो चतरा के ही स्टडी विजन कोचिंग सेंटर के संचालक पंकज सिंह और सतीश पांडेय शामिल हैं। सतीश पांडेय विद्यार्थी परिषद का जिला संयोजक है। इस प्रकरण में मूल सूत्रधार पटना से गिरफ्तार बिहार के गया के बाराचट्टी का रहनेवाला छात्र है जो पटना में रहकर 12 वीं की पढ़ाई कर रहा है। इन सभी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। इनमें से छह छात्रों को शुक्रवार को हजारीबाग बाल सुधार गृह भेज दिया गया है।

गिरफ्तार छह अन्य से अभी थाने में पूछताछ की जा रही है। इनमें दोनों कोचिंग संचालकों को शनिवार को जेल भेजा जाएगा तो बचे चार छात्रों को जेल या बाल सुधार गृह भेजने का निर्णय भी शनिवार को लिया जाएगा। जिन छह छात्रों को रिमांड होम भेजा गया है उनमें चार नामजद और दो गैर प्राथमिकी अभियुक्त हैं। इन सभी ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है। आज जिन्हें रिमांड होम भेजा गया है उनमेंं तीन डीएवी और एक नाजरथ विद्या निकेतन का छात्र भी है। इनके पास से पेपर लीक से जुड़े पुर्जे और मोबाइल मिले थे। जवाहर नवोदय विद्यालय में इनका सेंटर पड़ा था। नवोदय विद्यालय के प्राचार्य के बयान पर सदर थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई है।

सतीश शहर के जतराहीबाग में स्टडी विजन नामक निजी कोचिंग सेंटर का संचालन करता है। सतीश के अलावा उसके एक अन्य सहयोगी पंकज सिंह को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। आरोप है कि सतीश पांडेय व पंकज सिंह के द्वारा ही बच्चों से परीक्षा से पूर्व प्रति छात्र पांच-पांच हजार रुपये वसूल कर व्हाट्स एप्प पर प्रश्न पत्र उपलब्ध कराया गया था।

छात्रों ने पूछताछ में बताया था कि उन्होंने सतीश से ही लीक प्रश्नों का उत्तर तैयार कराया था। पुलिस की टीम चतरा के अलावा हजारीबाग के कई कोचिंग संचालकों से भी पूछताछ कर रही है।

पुलिस गिरफ्त में आए जिला संयोजक व उसके सहयोगी को बचाने में अभाविप का पूरा कुनबा जुट गया है। संगठन के नेता और कार्यकर्ता लगातार सदर थाना का चक्कर काट रहे हैं। इधर एसपी ने कहा की मामले में संलिप्त सभी लोगों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई होगी। उन्होंने बताया कि प्रश्न पत्र लिक करने वालों के अलावे पैसे देकर खरीदने वालों के साथ-साथ सोशल मीडिया में गैरकानूनी तरीके से आदान-प्रदान करने वालों के विरुद्ध भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। गिरफ्तार छह छात्रों को जेल भेजा गया है। वहीं कोचिंग संचालक समेत अन्य आरोपियों को जांच-पड़ताल के बाद भेजा जाएगा जेल।

ऐसे पकड़े गए छात्र-

28 मार्च को सीबीएसई बोर्ड के गणित की परीक्षा जवाहर नवोदय विद्यालय में चल रही थी। वहां चतरा डीएवी और नाजरेथ विद्या निकेतन का परीक्षा केंद्र था। यहां 143 परीक्षार्थी परीक्षा दे रहे थे। परीक्षा के दौरान नाजरेथ स्कूल के एक छात्र को केंद्राधीक्षक देवेश नारायण ने पकड़ा। जिस पर्ची से वह नकल कर रहा था, उसमें सभी प्रश्नों के उत्तर लिखे हुए थे। केंद्राधीक्षक ने वहां तैनात मजिस्ट्रेट को यह जानकारी दी। मजिस्ट्रेट ने डीसी और एसपी को बताया। इसके बाद एसडीओ राजीव कुमार, एसडीपीओ ज्ञान रंजन और सदर थाना प्रभारी रामअवध सिंह नवोदय विद्यालय पहुंचे और पकड़े गये छात्र से पूछताछ की। उसने अपने बैग से मोबाईल में प्रश्न और उत्तर दिखाया। उसने यह भी बताया कि उसने इस प्रश्न के उत्तर को किस-किस से शेयर किया। इसके बाद तीन और छात्रों को पकड़ा गया। ये सभी डीएवी के छात्र हैं।

मोबाइल में था गणित का पेपर और उत्तर-

छात्र के मोबाइल फोन (9199440278) की जांच के दौरान उसमें गणित का पेपर और उत्तर पाया गया। उसने इसे कई लोगों को भेजा भी है। अब पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि जिस नंबर से यह पेपर छात्र के पास आया, वह किसका है। इसके लिए तकनीकी सेल की मदद ली जा रही है।


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