राजनीति

डीएम राजीव रौतेला- गोरक्षधाम से देवीपाटन

आशुतोष कुमार राय, न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
2012
| मार्च 17 , 2018 , 10:20 IST

गोरखुपर में हुए उपचुनाव के नतीजों के बाद यहां के डीएम राजीव रौतेला का तबादला कर दिया गया है। मतगणना के दौरान विवादों में आए रौतेला को देवीपाटन का आयुक्त बनाया गया है। बतौर डीएम राजीव रौतेला का रुतबा गोरक्षधाम, गोरखपुर में भी था। अब देवीपाटन का आयुक्त बनाए जाने के बाद उनका वही रुतबा देवीपाटन मठ में भी बना रहेगा। कहा जाता है कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रभाव वाले मठों में गोरक्षधाम के बाद देवीपाटन मठ का नाम आता है।

ये समीकरण बताता है कि राजीव रौतेला अभी भी योगी आदित्यनाथ की आंखों के तारे बने हुए हैं। रौतेला विशेष सचिव से सचिव और आयुक्त गोरखपुर में डीएम रहते हुए ही बना दिये गए थे लेकिन तब विवादों की वजह से उनकी आयुक्त के पद पर पोस्टिंग नहीं हो पाई थी। देवीपाटन का आयुक्त बनाए जाने के साथ ही उन्हें पुनः मनचाही जगह मिल गई है।

गोरखपुर उपचुनाव की मतगणना के दौरान राजीव रौतेला पर तब उंगली उठी थी जब समाजवादी प्रत्याशी प्रवीण निषाद ने संवाददाता सम्मेलन कर उनकी कार्यशैली पर उंगली उठाई थी और मतगणना के दौरान अनियमितता के प्रयास करने के आरोप लगाए थे।

मीडिया केअनुसार निशाद ने आरोप लगाया था कि 8 राउंड की मतगणना के बावजूद सिर्फ एक राउंड के रिजल्ट की घोषणा की गई थी और मीडिया पर भी कड़े प्रतिबंध लगा दिये गए थे। इस घटना की जबरदस्त राजनीतिक प्रतिक्रिया हुई और योगी सरकार भी सवालों के घेरे में आ गई।

गोरखपुर और फूलपुर उपचुनाव में करारी हार के बाद राजीव रौतेला समेत 37 आईएएस अफसरों के तबादले को दामन साफ करने की कोशिश करार दिया जा रहा है लेकिन एक ऐसे विवादित अधिकारी को देवीपाटन जैसे महत्वपूर्ण संभाग का आयुक्त बनाकर योगी सरकार ने कहीं एक नई आफत तो मोल नहीं ले ही है?

इससे पहले रामपुर खनन घोटाले में भी राजीव रौतेला का नाम आ चुका है...कुल मिलाकर राजीव रौतेला को लेकर यह सरकार विपक्ष के निशाने पर बनी रहेगी, इसकी संभावना बलवती होती जा रही है। बता दें कि राजीव रौतेला 2002 बैच के IAS अधिकारी हैं।


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