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अमेरिका ने चीन को रंगे हाथ पकड़ा, नॉर्थ कोरिया के जहाजी बेड़े को सप्लाई कर रहा तेल

सतीश वर्मा, न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| दिसंबर 29 , 2017 , 14:07 IST

डोनाल्ड ट्रंप ने चीन पर आरोप लगाया कि वह नॉर्थ कोरिया को ऑयल सप्लाई कर रहा है। ऐसा करते हुए हमने चीन को रंगे हाथ पकड़ा है। इससे पहले साउथ कोरिया ने सैटेलाइट इमेज के हवाले से कहा था कि चीन के शिप्स नॉर्थ कोरियाई जहाजों में ऑयल ट्रांसफर कर रहे थे।

नॉर्थ कोरिया समस्या का हल नहीं निकल पाएगा

सीएनएन की खबर के मुताबिक गुरुवार को ट्रम्प ने कई ट्वीट किए। ट्रम्प ने ट्वीट किया, "हमने चीन को रंगे हाथ पकड़ा। चीन नॉर्थ कोरिया को तेल दे रहा है तो ये चिंताजनक है। अगर ये सब जारी रहता है तो नॉर्थ कोरिया समस्या का हल नहीं निकाला जा सकता। हालांकि अमेरिका के नेशनल सिक्युरिटी काउंसिल और व्हाइट हाउस अफसरों ने ट्रम्प के ट्वीट पर कोई भी कमेंट करने से मना कर दिया।

चीन को लेकर सख्त रुख अपनाएगा अमेरिका

विदेश विभाग के एक सीनियर अफसर के मुताबिक, "ट्रम्प के ट्वीट से एडमिनिस्ट्रेशन के भीतर ही डिबेट शुरू हो गई है कि कैसे चीन के नॉर्थ कोरिया को तेल देने को लेकर कड़ा रुख अपनाया जा सकता है।''
यूएन ने जिन गतिविधियों पर रोक लगाई है, हम उन पर नजर रखे हुए हैं। इनमें शिप टू शिप रिफाइंड पेट्रोलियम ट्रांसफर और नॉर्थ कोरिया की तरफ से से आने वाला कोयला है। हमारे पास सबूत हैं कि जिन कंपनियों के जहाजों से ये काम हो रहा है, उनकी कई देशों में कंपनियां हैं।

अमेरिका इन कामों की निंदा करता है। हम उम्मीद करते हैं कि चीन समेत यूएन सिक्युरिटी काउंसिल का कोई भी मेंबर स्मगलिंग सरीखी गतिविधियों को बंद करेगा।

चीन को नॉर्थ कोरिया के साथ अपने टूरिज्म, इकोनॉमिक रिलेशन खत्म कर उसके वर्कर्स को अपने यहां से निकला देना चाहिए।

नवंबर में सामने आया था मामला

यूएस ट्रेजरी डिपार्टमेंट ने नवंबर में घोषणा की थी कि नॉर्थ कोरिया की शिपिंग और ट्रेडिंग कंपनियों ने शिप टू शिप ट्रांसफर किया था, जिसमें संभवत: तेल था। यूएस के ट्रेजरी मिनिस्टर स्टीव नूचिन ने कहा, "नॉर्थ कोरिया से दुनिया को लगातार खतरा बना हुआ है। हम तेजी से कोशिश कर रहे हैं कि बाहर से दबाव डालकर नॉर्थ कोरिया को मिलने वाले रेवेन्यू और ट्रेड को रोका जा सके।''

क्या बोला चीन?

चीन की फॉरेन मिनिस्ट्री की स्पोक्सपर्सन हुआ चुनयिंग ने कहा, "क्या बातें हो रही हैं, इसकी मुझे कोई जानकारी नहीं है। ये जरूर है कि चीन सरकार सिक्युरिटी काउंसिल के नॉर्थ कोरिया को लेकर लगाए गए रेजोल्यूशन पर भरोसे के साथ अमल कर रही है। हमारी कथनी-करनी में कोई अंतर नहीं है।

अगर हमारे खिलाफ सिक्युरिटी काउंसिल रेजोल्यूशन वॉयलेशन के कोई पक्के सबूत हैं तो हम नियम-कानून के तहत ही डील करेंगे। अगर ऐसा एक भी मामला सामने नहीं आता तो सभी को इस पर खामोश हो जाना चाहिए।


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