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यूपी में ड्रोन कैमरे से हो रही है आदमखोर कुत्तों की खोज, 12 बच्चों की हो चुकी है मौत

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| मई 8 , 2018 , 19:28 IST

उत्तर प्रदेश के सीतापुर में कुत्तों के आतंक से लोग परेशान हैं। आदमखोर कुत्तों की वजह से अबतक कई मासूमों की जान जा चुकी है। कुत्तों पर लगाम कसने के लिए पुलिस अब कमर कस चुकी है। कई बच्चों की जान जाने के बाद ड्रोन और नाइट विजन कैमरों से इलाके में नजर रखी जा रही है। पुलिस और प्रशासन ने आवारा कुत्तों को पकड़ने और मारने का काम शुरू कर दिया है। सीतापुर पुलिस का कहना है कि 12 टीमें गठित कर कुत्तों की खोज की जा रही है।

जानकारी के मुताबिक, पहली घटना सीतापुर कोतवाली के गुजर ग्राम सभा के पीरपुर और बुढाना गांव में हुई। यहां आदमखोर कुत्तों ने दो बच्चों पर हमला बोल कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया। घायल बच्चों को इलाज के जिला अस्पताल में लाया गया, जहां उपचार के दौरान एक 10 वर्षीय मासूम बच्चे की मौत हो गई।

दूसरी घटना खैराबाद थाना क्षेत्र के महसिंघपुर और चौबेपुर गांव की है। यहां 6 वर्षीय गीता पर आवारा कुत्तों ने हमला बोल कर मौत के घाट उतार दिया। वहीं, चौबेपुर गांव के बाहर साइकिल से स्कूल जा रही एक किशोरी को हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया।

सिटी मजिस्ट्रेट हर्षदेव पाण्डेय ने बताया कि आदमखोर कुत्तों से निजात पाने के लिए मथुरा से डॉग कैचर बुलाए गए हैं। उनके द्वारा अभी तक 20 से ज्यादा कुत्तों को कैद किया गया है। इन आदमखोर कुत्तों को गोला गोकर्ण नाथ के जंगलों में छोड़ा जाएगा। आपको बता दें कि कुत्तों के हमले से करीब 12 बच्चों की मौत हो चुकी है।

कई लोगों का कहना है कि सीतापुर के खैराबाद में एक बूचडखाना था, जहां से मांस के टुकड़े इन कुत्तों को खाने को मिलते थे। योगी सरकार आने के बाद नियमों को कड़ाई से लागू किया गया और बूचड़खाना बंद कर दिया गया। जिसके बाद मांस ना मिलने की वजह से ये कुत्ते आदमखोर हो गए और इस वजह से ये बच्चों पर हमला कर रहे हैं। हालांकि ये भी कहा जा रहा है कि अगर ऐसा होता तो पूरे यूपी में सैकड़ों बूचडखाने बंद हुए हैं, और जगह भी ऐसा होना चाहिए था।


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