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बेरोजगारी: 14 सफाईकर्मियों के लिए 4000 आवेदन, इंजीनियर से लेकर PhD होल्डर तक हैं आवेदक

ऋतु राज | 0
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| फरवरी 6 , 2019 , 16:20 IST

मोदी सरकार एक तरफ देश में बेरोजगारों को रोजगार देने की बात करती हैं तो वहीं दूसरी तरफ देश में बेरोजगारी का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि चेन्नई में राज्य विधानसभा सचिवालय में 14 सफाईकर्मी के पदों के लिए 4 हजार लोगों ने आवेदन किया है। देश में दिन-प्रतिदिन बेरोजगरी बढती ही जा रही है और सत्ता पक्ष हाथ पर हाथ धरे बैठे है। रोजगार देने की बात बस एक जुमला साबित होते नजर आ रही है। लोगों को अपनी योग्यता के मुताबिक नौकरी नहीं मिल रही है।

चेन्नई में राज्य विधानसभा सचिवालय के लिए जिन लोगों ने आवेदन किया है वो चौकाने वाले हैं। आवेदन करने वाले उम्मीदवारों में से एक बड़ी संख्या इंजीनियरिंग और एमबीए के उम्मीदवारों की है। जिनके पास डिग्रियां तो हैं पर रोजगार नही। यही नहीं इनके अलावा कॉमर्स, आर्ट्स और साइंस स्ट्रीम के उम्मीदवार भी शामिल हैं जो इस समस्या से जुझ रहे हैं।  

बता दें,  इंटरव्यू के लिए 3930 एडमिट कार्ड उम्मीदवारों को भेज दिए गए हैं। 14 पदों में से 10 स्वीपरों के लिए और 4 विधानसभा सचिवालय में सैनिटरी कर्मचारियों के लिए पदों पर नियुक्ति की जाएगी। दोनों के लिए वेतन 15,700 रुपये से 50,000 रुपये तय किया गया है।

वहीं आवेदन करने वाले उम्मीदवार पूरे प्रदेश और सभी समुदायों से हैं। भर्ती रोस्टर के मुताबिक, 4 सामान्य श्रेणी के लिए, ओबीसी 4 (मुस्लिमों को छोड़कर) के लिए, 3 सबसे पिछड़े वर्ग और डी-अधिसूचित जनजातियों के लिए, 2 अनुसूचित जाति के लिए और 1 अनुसूचित जनजातियों के लिए तय किया गया है। जिसमें किसी भी शैक्षणिक योग्यता का उल्लेख नहीं किया गया है। केवल शारीरिक दक्षता (फिजिकल फिटनेस) अनिवार्य कर दी गई है।

वहीं आवेदन करने वालों में से कई ऐसे उम्मीदवार हैं जिनके पास कोई अच्छी योग्यता नहीं है। उनके साथ प्रतिस्पर्धा उन लोगों के साथ है जिन्होंने अन्य विषयों में ग्रेजुएशन के अलावा M.Tech, BE, M.Com और MBA किया है। वहीं जिन उम्मीदवारों ने रोजगार एक्सचेंज के साथ आवेदन किया है उन्हें भी लिस्ट में शामिल किया गया है।

आपको बता दें कि 14 पदों के लिए विज्ञापन अगस्त 2018 में जारी किया गया था। जिसके बाद अब जा कर ऐडमिट कार्ड जारी किया गया है। तमिलनाडु सरकार की वेबसाइट पर एडमिट कार्ड अपलोड किए गए थे। विश्लेषकों के मुताबिक, यह न केवल तमिलनाडु में नौकरी के संकट का संकेत है, बल्कि शिक्षितों के लिए रोजगार के अवसरों की कमी भी दर्शा रहा है। इस बात से देश में बढती बेरोजगीरी का अंदाज लगाया जा सकता है कि एक सफाईकर्मी के लिए 4000 पढे-लिखे लोगों ने आवेदन किया है।


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