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भारत में 2030 में नेचुरल गैस से चलेगी हर दूसरी गाड़ी! ये होगा प्रमुख ईंधन

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| नवंबर 20 , 2018 , 12:35 IST

सरकार अगर बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर बनाए, तो 2030 तक देश में बिकने वाला हर दूसरा वाहन नेचुरल गैस से चलेगा। ऐसा होने से कई कंपनियों को फायदा होगा। जिसमें सबसे ज्यादा फायदा मारुति सुजुकी और ह्यूंदई को होगा। फिलहाल मारुति सुजुकी और ह्यूंदई मोटर इंडिया देश में सीएनजी वाहन बेचने वाली प्रमुख कंपनियों में हैं।

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पिछले कुछ महीनों में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में लगातार हुई बढ़ोतरी के बाद मारुति सुजुकी की सीएनजी कार की बीक्री में 50 प्रतीशत से ज्यादा की बढ़ोतरी देखी गई थी। मारुति ने मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही में 55,000 सीएनजी यूनिट्स बेची हैं। वहीं पिछले महीने सैंट्रो की सीएनजी वेरिएंट लॉन्च के चलते हुंडई मोटर की सीएनजी बीक्री में भी काफी बढोतरी देखी गई थी।

बता दें कि सरकार ने अगले 10 सालों में 10,000 सीएनजी स्टेशन खोलने के लिए हाल में नेचुरल गैस इंफ्रास्ट्रक्चर डिवेलपमेंट प्लान का ऐलान किया है। इसके अलावा पीएनजीआरबी ने इस महीने शहरों में गैस वितरण के 10वें राउंड का भी ऐलान किया है, जिससे 124 और जिलों में सीएनजी इंफ्रास्ट्रक्चर बनाया जाएगा।

नोमुरा रिसर्च इंस्टीट्यूट नामक ग्लोबल कंसल्टेंसी फर्म ने एक रिपोर्ट में बताया है कि, 'इस फैसले से 2030 तक कुल बिकने वाली गाड़ियों में नेचुरल गैस से चलने वाले गाड़ियों में 50 प्रतीशत तक का इजाफा किया जा सकता है। इससे साल 2030 तक क्रूड ऑयल इंपोर्ट के बिल को 11 लाख करोड़ रुपये तक कम किया जा सकता है।' 

वहीं इंडस्ट्री के एक सीनियर एग्जिक्यूटिव ने बताया कि, 'पेट्रोल और डीजल के मुकाबले सीएनजी वीइकल की रनिंग कॉस्ट काफी कम है। हालांकि, इसका डिस्ट्रिब्यूशन नेटवर्क पर्याप्त नहीं होने के चलते मांग मजबूत नहीं है।' 

आपको बता दें कि सीएनजी गाड़ियां ज्यादातर दिल्ली-एनसीआर, गुजरात, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, ओडिशा, उत्तर प्रदेश और पंजाब के शहरों में बिकते हैं। अप्रैल 2018 तक देश में सिर्फ 1,424 सीएनजी स्टेशन थे। वहीं नोमुरा की रिपोर्ट के मुताबिक, क्रूड ऑयल इंपोर्ट घटाने के अलावा नेचुरल गैस इंफ्रास्ट्रक्चर डिवेलपमेंट प्लान से 4,00,000 नौकरियों के भी पैदा होने की संभावना है। 

साभारः NBT


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