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350 रुपये में बिकती है आपकी फेसबुक लॉगइन!

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| मार्च 24 , 2018 , 11:27 IST

जब लोगों से पूछा जाता है कि उनकी निजता की कीमत क्या है, तो ज्यादातर कहते हैं, बेशकीमती। पर दुर्भाग्य से हैकर इतने मासूम नहीं है। वे आपकी निजी जानकारियां डार्क वेब पर कौड़ियों के दाम बेच रहे हैं।

सोशल मीडिया साइट फेसबुक के डेटा लीक होने के बाद लगातार लोगों की निजता को लेकर सवाल खड़ा हो रहा है। लेकिन जिस तरह से लोगों की गोपनीय जानकारी लीक हुई है उसको लेकर लोग काफी चिंतित हैं। ब्रिटेन की कंपनी ने सनसनीखेज दावा किया है कि लोगों की ऑनलाइन जानकाकरी को कौड़ियों के भाव खरीदा और बेचा जा रहा है, जिसमे ना सिर्फ फेसबुक की जानकारी, बल्कि लोगों की बैंक डीटेल, जीमेल अकाउंट बल्कि क्रेडिट कार्ड से जुड़ी जानकारी भी शामिल है।

सिर्फ 350 रुपए में बिक रही आपकी प्रोफाइल-

हालिया शोध में सामने आया है कि लंदन मे डार्क वेब पर एक फेसबुक प्रोफाइल पर लॉग इन की कीमत सिर्फ 350 रुपए है। लोगों की निजी जानकारी को कौड़ियों में बेचने का मामला सामने आया है। फेसबुक डेटा लीक की खबर के सामने आने के बाद एक-एक करके बड़े तथ्य सामने आ रहे हैं। इन खबरों के सामने आने के बाद लोगों का डिजिटल बैंकिंग से लेकर सोशल मीडिया पर व्यक्तिगत जानकारी के लीक होने का डर सताने लगा है।

मार्केटिंग एजेंसी फ्रैक्टल ने पिछले महीने तीन बड़े डार्क वेट के मार्केट प्लेस, ड्रीम प्वाइंट और वॉल स्ट्रीट मॉर्केट का अध्ययन करके इस बात का खुलासा किया है। शोधकर्ताओं के अनुसार फेसबुक लॉगिन को सिर्फ 5.20 डॉलर यानि तकरीबन 350 रुपए में बेचा जा रहा है। बड़ी बात यह है कि कैंब्रिज एनालिटिका के पूर्व करक्मचारी ब्लोअर क्रिस्टोफर ने दावा किया है कि इस तमाम डेटा लीक की मार्क जकरबर्ग को जानकारी थी। फेसबुक ने 2015 में थर्ड पार्टी डेवलेपर को बैन कर दिया था। खुद जकरबर्ग ने इस वर्ष की अपनी पहली पोस्ट में आत्मसुधार की बात कही है।

हैकर डार्क वेज पर कोई भी किसी व्यक्ति का ऑनलाइन प्रोफाइल महज 1200 डॉलर यानि 80 हजार रुपए में खरीद सकता है। इसमे ना सिर्फ फेसबुक बल्कि बैंक की गोपनीय जानकारी, क्रेडिट कार्ड की जानकारी को भी हासिल किया जा सकता है। यहां तक कि जीमेल का यूजर नेम व पासवर्ड को सिर्फ एक डॉलर में खरकीदा जा सकता है। वहीं उबर का लॉगिन डीटेल सिर्फ सात डॉलर में खरीदा जा सकता है।

इसकी कीमत इतनी सस्ती इसलिए है क्योंकि फेसबुक ढेरों थर्ड पार्टी एप जैसे क्वीज ऐप, गेम ऐप को सोशल नेटवर्क में घुसने की इजाजत देता है। इसलिए हैकर आसानी से इनका डाटा उड़ा लेते हैं।


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