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फडणवीस सरकार का बड़ा दांव, मराठाओं को नौकरी और शिक्षा में 16% आरक्षण

icon अमितेष युवराज सिंह | 0
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| नवंबर 29 , 2018 , 19:33 IST

महाराष्ट्र विधानसभा में गुरूवार को मराठा समुदाय को आरक्षण देने से संबंधित बहुप्रतीक्षित विधेयक को पेश किया गया। उसके बाद विधानसभा में इसकी मंजूरी के साथ बिल पास भी हो गया।

 

हालांकि फडणवीस सरकार ने बहुत बड़ा दांव खेलते हुए मराठाओं को नौकरी और शिक्षा में 16 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रस्ताव विधानसभा में रखा। उसके बाद विधानसभा में यह बिल पास भी हो गया।

महाराष्ट्र विधानसभा में सीएम फडणवीस ने कहा, 'हमने मराठा आरक्षण के लिए प्रक्रिया पूरी कर ली है और हम आज विधेयक लाए हैं।' हालांकि फडणवीस ने धनगर आरक्षण पर रिपोर्ट पूरी न होने की बात कही। उन्होंने कहा, 'धनगर आरक्षण पर रिपोर्ट पूरी करने के लिए एक उप समिति का गठन किया गया है और जल्द ही एक रिपोर्ट और एटीआर विधानसभा में पेश की जाएगी।'

खबरो के मुताबिक सरकार की कोशिश 5 दिसंबर से राज्य में मराठा आरक्षण लागू करने की है। सरकार की कोशिश होगी होगी कि 30 नवंबर को विधेयक पारित हो जाए। इसके बाद अगले पांच दिन में कानूनी औपचारिकता पूरी कर इसे अमल में लाया जा सके।

बता दें कि पिछले कुछ दिनों से मराठा और धनगर समाज के आरक्षण के मुद्दे पर महाराष्ट्र विधानमंडल के शीतकालीन सत्र में गतिरोध बना हुआ था। मंगलवार को सत्ता पक्ष और विपक्ष, दोनों ने एक-दूसरे की नीयत पर शक-सवालों और तर्क-वितर्क की बारिश कर दी थी। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विपक्ष के मन में काला होने का आरोप लगाया, तो विपक्ष ने सरकार की नीयत पर शक जताया था।

इसके बाद मुख्यमंत्री ने कहा था, 'विपक्ष झूठा प्रचार कर रहा है। उसे आरक्षण के मुद्दे पर राजनीति करनी है। हमें भी राजनीतिक जवाब देना आता है। सरकार मराठा समाज को आरक्षण देगी। गुरुवार को इसका विधेयक पेश किया जाएगा।' मुख्यमंत्री ने आयोग के नियम 14 और 15 का हवाला देते हुए कहा, 'सरकार नियमों के मुताबिक काम कर रही है। यह राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग की 52वीं रिपोर्ट है। पिछली 51 रिपोर्ट भी सदन के पटल पर नहीं रखी गईं थीं। हम मराठा आरक्षण विधेयक पेश करने से पहले राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग की रिपोर्ट पर एटीआर पेश करेंगे।'


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अमितेष युवराज सिंह

लेखक न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में असिस्टेंट एग्जीक्यूटिव एडिटर हैं

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