नेशनल

किसान तोहफा नही अपना हक मांग रहे, CM हटे या PM, किसानों का कर्ज हो माफ: राहुल

icon अमितेष युवराज सिंह | 0
1776
| नवंबर 30 , 2018 , 16:39 IST

किसानों को कर्ज मुक्त बनाने और फसल की लागत का डेढ़ गुना न्यूनतम समर्थन मूल्य दिए जाने की मांग को लेकर दो दिवसीय आंदोलन के पहले दिन गुरुवार को किसानों के साथ डाक्टर, वकील, पूर्व सैनिक, पेशेवर और छात्रों सहित समाज के तमाम वर्गों के लोगों के समूह रामलीला मैदान में एकत्र हो गए। देश के विभिन्न भागों से दिल्ली के प्रवेश मार्गों पर एकत्र होकर आंदोलनकारियों का रामलीला मैदान तक पैदल और वाहनों से पहुंचने का सिलसिला देर शाम तक जारी रहा।

राहुल गांधी ने कहा कि किसानों और युवाओं के लिए एक होना पड़ेगा। राहुल ने कहा, "देश का किसान आपके (मोदी के) दोस्त का अनिल अंबानी का विमान नहीं मांग रहा, वह सिर्फ अपना हक मांग रहा। आज हिंदुस्तान के सामने दो बड़े मुद्दे हैं, पहला किसाने के भविष्य का मुद्दा और दूसरा युवाओं के रोजगार का। इनके भविष्य के लिए जनता को अगर मुख्यमंत्री या प्रधानमंत्री को बदलना पड़े तो बदल दो।"

मोदी सरकार ने किसानों के साथ धोखा किया

केजरीवाल ने कहा- मैं दिल्ली का मुख्यमंत्री हूं। इस नाते आप लोगों का दिल्ली में स्वागत है। आप बार-बार दिल्ली आइए। मुझे दुख इस बात का है कि आप दिल्ली दुख की घड़ी में आए हैं, दुखी होकर आए हैं। सरकार से नाराज होकर आए हैं। भाजपा ने पिछले चुनाव के पहले किसानों से जितने वादे किए थे, उन सारे वादों से मुकर गई। स्वामीनाथन रिपोर्ट लागू करने का वादा किया था, 100 रुपए लागत पर 50 रुपए मुुनाफा देंगे। अब सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दिया कि स्वामीनाथन रिपोर्ट लागू नहीं कर सकते।

 

'किसानों के हित में नीतियां बनाएंगे'

सीताराम येचुरी ने कहा, ''आज एक वैकल्पिक सरकार की जरूरत है। किसान मोदी सरकार को हटाएंगे और ऐसी सरकार लाएंगे, जो उनके हित में नीतियां बनाए। हम महाभारत के पांडवों की तरह मोदी सरकार को हराएंगे। कौरव 100 भाई थे, इनमें से दो के नाम ही लोग जानते हैं दुर्योधन और दुशासन। भाजपा भी कहती है कि हम इतनी बड़ी पार्टी हैं, लेकिन उनके बाकी नेताओं को कोई नहीं जानता। दुर्योधन और दुशासन की तरह मोदी-शाह का नाम ही चलता है।''

अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति के बैनर तले लगभग 200 किसान संगठनों, राजनीतिक दलों और अन्य समाजिक संगठनों से किसानों की मांग का समर्थन करते हुये आंदोलन में भागीदारी की है। समिति के महासचिव अवीक शाहा और स्वराज इंडिया के संयोजक योगेन्द्र यादव की अगुवाई में दक्षिण पश्चिमी दिल्ली के बिजवासन से सुबह शुरु हुई किसान मुक्ति यात्रा लगभग 25 किमी की पदयात्रा कर देर शाम रामलीला मैदान पहुंची।

अखिल भारतीय किसान सभा के सचिव अतुल कुमार अनजान सहित संगठन के अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी रामलीला मैदान में आंदोलनकारियों के लिए सुविधाओं का लगातार जायजा लेते रहे। अनजान ने बताया कि नोएडा, गाजियाबाद, फरीदाबाद और गुरुग्राम की ओर से भी किसानों के समूह पैदल और वाहनों से रामलीला मैदान पहुंच रहे हैं। फरीदाबाद की ओर आश्रम होते हुए रामलीला मैदान पहुंच रही किसान मुक्ति यात्रा की अगुवाई सामाजिक कार्यकर्ता मेधा पाटकर और वरिष्ठ पत्रकार पी साईनाथ ने की।

इस बीच पूर्व सैनिकों के संगठन ने भी किसानों की मांग का समर्थन करते हुए किसान मुक्ति यात्रा में शिरकत की। संगठन के प्रमुख मेजर जनरल सतबीर सिंह ने कहा कि पूर्व सैनिक किसान आंदोलन में दो दिन तक साथ रहेंगे। अनजान ने बताया कि यह पहला अवसर है जब किसानों के समर्थन में डॉक्टर, वकील, शिक्षक, रंगकर्मी और छात्र संगठनों सहित समाज के सभी वर्गों ने भी किसान आंदोलन में हिस्सेदारी की है।


author
अमितेष युवराज सिंह

लेखक न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में असिस्टेंट एग्जीक्यूटिव एडिटर हैं

कमेंट करें