राजनीति

35A-370 पर केंद्र साफ करे रुख, नहीं तो लोकसभा चुनाव का करेंगे बहिष्कार: फारुक

जितेन्द्र कुमार, न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| सितंबर 8 , 2018 , 14:55 IST

जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कांफ्रेंस के नेता फारुक अब्दुल्ला ने पंचायत चुनावों के बाद अब लोकसभा और विधानसभा चुनावों का भी बहिष्कार करने का ऐलान किया है। श्रीनगर में आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने केंद्र सरकार से कहा है कि अगर केंद्र ने संविधान के अनुच्छेद 35ए और 370 को लेकर अपना रुख साफ नहीं किया तो वह पंचायत चुनावों की तरह ही लोकसभा और विधानसभा चुनावों का भी बहिष्कार कर देंगे।


फारुक अब्दुल्ला ने आगे कहा कि जब अटल बिहारी बाजपेयी जैसा आरएसएस का नेता प्रधानमंत्री रहते हुए पाकिस्तान जा सकता है और वह कहते थे कि वह भारत की जनता के नेता हैं। इसके अलावा भारत पाकिस्तान को बतौर मुल्क स्वीकार करता है और उसके साथ दोस्ती करना चाहता है। अगर हम अपने पड़ोसी के दोस्त हैं तो हम दोनों ही खुशहाल होंगे। मुझे उम्मीद है कि प्रधानमंत्री इस बारे में सोचेंगे और काम करेंगे।


जनवरी तक सुनवाई स्थगित है

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने जम्मू कश्मीर में कानून व्यवस्था की समस्या के बारे केन्द्र और राज्य सरकार के कथन के मद्देनजर संविधान के अनुच्छेद 35-ए की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई अगले साल जनवरी के लिए स्थगित कर दी है। प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा, न्यायमूर्ति ए एम खानविलकर और न्यायमूर्ति धनन्जय वाई चन्द्रचूड़ की खंडपीठ से केन्द्र की ओर से अटार्नी जनरल के के वेणुगोपाल और राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त सालिसीटर जनरल तुषार मेहता ने अनुच्छेद 35-ए को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई स्थगित करने का अनुरोध किया था।

निकाय चुनाव का दिया था हवाला

उनका कहना था कि राज्य में आठ चरणों में सितंबर से दिसंबर के दौरान स्थानीय निकाय के चुनाव हो रहे हैं और वहां कानून व्यवस्था की समस्या है। इन याचिकाओं पर सुनवाई अगले साल जनवरी के दूसरे सप्ताह के लिये स्थगित करते हुये पीठ ने कहा, ‘चुनाव हो जाने दीजिये. हमें बताया गया है कि वहां कानून व्यवस्था की समस्या है

ये मिले हैं अधिकार

अनुच्छेद 35-ए के तहत जम्मू-कश्मीर के स्थायी निवासियों को खास तरह के अधिकार और कुछ विशेषाधिकार दिए गए हैं. अनुच्छेद 35 ए को 1954 में राष्ट्रपति के आदेश (प्रेसीडेंशियल आर्डर) से संविधान में शामिल किया गया था। इसके तहत जम्मू कश्मीर के नागरिकों को कुछ विशेष अधिकार प्राप्त हैं. इस अनुच्छेद में की गई व्यवस्था के तहत राज्य के बाहर का कोई भी व्यक्ति प्रदेश में अचल संपत्ति नहीं खरीद सकता है। यह व्यवस्था प्रदेश की उस महिला को भी संपत्ति अधिकारों से वंचित कर देती है जो राज्य के बाहर विवाह करती है। यह प्रावधान उनके उत्तराधिकारियों पर भी लागू होता है।


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