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फर्रुखाबाद में बाबा वीरेंद्र देव के आश्रम में छापेमारी, मिले तहखाने, छुड़ाई गईं 33 महिलाएं

icon अमितेष युवराज सिंह | 0
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| दिसंबर 24 , 2017 , 14:09 IST

दिल्ली के रोहिणी में आध्यात्मिक विश्वविद्यालय में अय्याशी का आश्रम चला रहे ढोंगी बाबा वीरेंद्र देव दीक्षित का फर्रखाबाद से भी पुराना नाता है। पुलिस ने यहां उसके 34 वर्ष पुराने आश्रम पर छापा मारा है। पुलिस ने बालिग और नाबालिग कुल 33 महिलाओं और 12 पुरुषों को भी बरामद किया है। इन सभी को मेडिकल जांच के लिए भेज दिया गया, हालांकि महिलाएं जांच के लिए तैयार नहीं हैं और विरोध कर रही हैं। जांच में पता लगाया जाएगा कि कहीं ये लोग ड्रग्स के प्रभाव में तो नहीं। अधिकारियों ने बताया कि आश्रम से छुड़ाए गए सभी बालिग हैं।

छापेमारी करने वाली पुलिस टीम, कंपिल और फर्रुखाबाद के आश्रम देख हैरान रह गई। इन आश्रमों में सीक्रेट चैंबर बनाए गए हैं। अपर पुलिस अधीक्षक त्रिभुवन सिंह की अगुवाई में पुलिस ने शनिवार सुबह फर्रुखाबाद शहर के सिकत्तरबाग स्थित आध्यात्मिक ईश्वरीय विश्वविद्यालय आश्रम में छापा मारा। मशक्कत के बाद पुलिस उसका दरवाजा खुलवाकर अंदर घुसी।पुलिसकर्मी ने बताया, 'शुरुआत में दो बुजुर्ग महिलाओं ने दरवाजा खोलने से इनकार कर दिया लेकिन पुलिस के दबाव डालने के बाद अंदर दाखिल होने दिया। सिकतरबाग के आश्रम में दर्जनभर से ज्यादा छोटे-छोटे चैंबर थे, जिनमें अंधेरा था। ये चैंबर अंडरग्राउंड कोठरी जैसे हैं और इन्हें भारी-भरकम लोहे के शटर से बंद किया गया था। चैंबर में घुसने के लिए रेंग कर जाना पड़ता है।'

अधिकारी ने बताया कि हर चैंबर के साथ एक सीढ़ी है, जो अंदर तक जाती है। ऊपर के फ्लोर्स पर बने चैंबर भी इस तरह से तैयार किए गए हैं जो डरावने लगते हैं। उन्होंने आगे बताया, 'सभी महिलाएं ठंडी जमीन पर चटाई बिछाकर सो रही थीं। इमारत के सभी कमरों में लोगे के ग्रिल वाली खिड़कियां हैं, जो दीवार पर काफी ऊपर हैं।'

सिकतरबाग बाग के आश्रम में रहने वाली एक 25 वर्षीय युवती कुशीनगर जिले की रहने वाली हैं, उन्होंने बताया, 'मेरे माता-पिता मुझे यहां 5 साल पहले छोड़ गए थे और तब से मैं यहां आध्यात्मिक शिक्षा ले रही हूं।' जब उनसे पूछा गया कि क्या उनके साथ किसी तरह का शोषण हुआ, उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया।

इस आश्रम में यूपी, महाराष्ट्र, पंजाब, मध्य प्रदेश और राजस्थान की महिलाएं मिलीं। फर्रुखाबाद पुलिस में एसपी मृगेंद्र सिंह ने कहा, 'यहां मिली किसी महिला ने किसी तरह के शोषण की बात नहीं कही है, लेकिन हम इनकी मेडिकल जांच करवाएंगे और बयान के लिए मैजिस्ट्रेट के सामने पेश करेंगे। हमें अंडरग्राउंड चैंबरों का उद्देश्य समझ नहीं आ रहा, हम इसकी जांच कर रहे हैं।'

इन आश्रमों से छुड़ाई गईं महिलाओं को राम मनोहर लोहिया जिला अस्पताल ले जाया गया, लेकिन वहां उन्होंने विरोध शुरू कर दिया और जांच करुवाने से इनकार कर दिया। इसी बीच कंपिल और फर्रुखाबाद के पुलिस थानों में दो 6 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई, जिसमें वीरेंद्र देव भी शामिल हैं। ये एफआईआर स्थानीय लोगों की लिखित शिकायतों के आधार पर की गई हैं। लोगों का आरोप है कि इन आश्रमों में महिलाओं को इनकी मर्जी के खिलाफ रखा गया है और पिछले करई वर्षों में इनकी मदद की गुहार लगाने की आवाजें बाहर आती रही हैं। ये शिकायतें कंपिल के तेज सिंह यादव और फर्रुखाबाद की सुमनलता वर्मा ने दर्ज कराईं। ये दोनों ही आश्रमों के पास रहते हैं।

बता दें कि आश्रम के संस्थापक आरोपी बाबा वीरेंद्र ने देशभर में इस तरह के आश्रम खोल रखे हैं जहां पर प्रत्येक आयु की लड़कियां रहती हैं। रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि आरोपी बाबा भगवान कृष्ण की तरह 16 हजार पत्नियां बनाना चाहता था। रिपोर्ट में यह कहा गया है कि बाबा के आश्रम में रहने वाली लड़कियों के मुताबिक आरोपी बाबा रोजाना 10 लड़कियों का रेप करता था। इतना ही नहीं आरोपी लड़कियों के बारे में यह भी जानकारी रखता था कि उन्हें पहला मासिक धर्म कब आता है। जैसे ही किसी लड़की को मासिक धर्म होता तो आरोपी उसे अपने कमरे में ले जाता था, जहां पर वह उसके साथ शारीरिक संबंध बनाता था।

बाबा के एक पुराने अनुयायी ने मेल टुडे को बताया कि बाबा नशे का आदी था। आरोपी बाबा लड़कियों के द्वारा दूषित नहीं होना चाहता था इसलिए वह हमेशा अपने साथ कंडोम रखता था। बाबा ने अपने लिए एक अनुयायी रखा था जो कि आरोपी के लिए केवल कंडोम लाने का काम किया करता था।


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अमितेष युवराज सिंह

लेखक न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में असिस्टेंट एग्जीक्यूटिव एडिटर हैं

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