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चारा घोटाले पर आज आएगा CBI कोर्ट का फैसला, लालू बोले- मुझे भरोसा है मिलेगा इंसाफ

icon अमितेष युवराज सिंह | 0
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| दिसंबर 23 , 2017 , 13:08 IST

बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद से जुड़े चारा घोटाला में रांची की सीबीआई स्पेशल कोर्ट आज दोपहर तीन बजे फैसला सुनाएगी। लालू यादव ने इस बीच कहा, मेरा बेटे तेजस्वी मेरे साथ है मुझे चिंता करने की जरूरत नहीं है।

लालू ने कहा, 'हमें देश की न्याय व्यवस्था पर पूरा विश्वास है और हम उसका सम्मान करते हैं। जैसा 2G में हुआ, अशोक चव्हाण का हुआ, वैसा ही हमारा भी होगा।'

सभी को इंसाफ मिल रहा है, हमें भी मिलेगा। मैं पिछड़ी जाति से हूं, मुझे भी इंसाफ मिलेगा। एक ही मुर्गी को 9 बार हलाल किया जा रहा है। वकीलों में सभी जरूरी सबूत कोर्ट को दिए हैं, जो बरी होने के लिए काफी हैं।''

950 करोड़ रुपए के चारा घोटाले से जुड़े इस मामले में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद याद, पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्रा समेत 22 अन्य लोग आरोपी हैं।सुनवाई के दौरान लालू समेत सभी 22 आरोपियों को कोर्ट में मौजूद रहने का आदेश दिया गया है। सुबह लालू प्रसाद और उनके बेटे तेजस्वी कोर्ट पहुंचे, लेकिन फैसला दोपहर 3 बजे आने पर वह हाजिरी लगाकर गेस्ट हाउस लौट गए।

बता दें कि 900 करोड़ के चारा घोटाले में यह 33वां और लालू से जुड़ा दूसरा फैसला होगा। लालू पर चारा घोटाले के 7 केस दर्ज हैं। एक केस में उन्हें 6 साल की सजा हो चुकी है। लालू के खिलाफ 5 अन्य केस में सुनवाई जारी है। इसी घोटाले की वजह से लालू यादव को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था।

चारा घोटाले में कौन-कौन आरोपी?

लालू प्रसाद और डॉ. जगन्नाथ मिश्र के अलावा अन्य आरोपियों में बिहार के पूर्व मंत्री विद्यासागर निषाद, जगदीश शर्मा, आरके राणा, ध्रुव भगत, फूलचंद सिंह, महेश प्रसाद, बेक जूलियस, एसी चौधरी, डॉ कृष्ण कुमार प्रसाद, सुधीर भट्टाचार्य, त्रिपुरारी मोहन प्रसाद, संजय अग्रवाल, ज्योति झा, गोपीनाथ दास, सुनील गांधी, सरस्वती चंद्र, साधना सिंह, राजाराम जोशी और सुशील कुमार शामिल हैं

वर्ष 1990 से 1994 के बीच देवघर कोषागार से 89 लाख, 27 हजार रुपये की फर्जीवाड़ा करके अवैध ढंग से पशु चारे के नाम पर निकासी के इस मामले में कुल 38 लोग आरोपी थे जिनके खिलाफ सीबीआई ने 27 अक्तूबर, 1997 को मुकदमा संख्या आरसी/64 ए/1996 दर्ज किया था और लगभग 21 वर्षों बाद इस मामले में कल फैसला आने की संभावना है।

कैसे हुआ घोटाला-

वर्ष 1990 से 1994 के बीच देवघर कोषागार से 89 लाख, 27 हजार रुपये की फर्जीवाड़ा करके अवैध ढंग से पशु चारे के नाम पर निकासी के इस मामले में कुल 38 लोग आरोपी थे जिनके खिलाफ सीबीआई ने 27 अक्तूबर, 1997 को मुकदमा संख्या आरसी/64 ए/1996 दर्ज किया था और लगभग 21 वर्षों बाद इस मामले में कल फैसला आने की संभावना है।

इस मुकदमे में लालू, पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्रा, बिहार के पूर्व मंत्री विद्यासागर निषाद, पीएसी के तत्कालीन अध्यक्ष जगदीश शर्मा एवं ध्रुव भगत, आर के राणा, तीन आईएएस अधिकारी फूलचंद सिंह, बेक जूलियस एवं महेश प्रसाद, कोषागार के अधिकारी एस के भट्टाचार्य, पशु चिकित्सक डा. के के प्रसाद तथा शेष अन्य चारा आपूर्तिकर्ता आरोपी थे। सभी 38 आरोपियों में से जहां 11 की मौत हो चुकी है, वहीं तीन सीबीआई के गवाह बन गये जबकि दो ने अपना गुनाह कुबूल कर लिया था जिसके बाद उन्हें 2006-7 में ही सजा सुना दी गयी थी। इस प्रकार इस मामले में आज अदालत कुल 22 आरोपियों के खिलाफ ही अपना फैसला सुनायेगी।


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अमितेष युवराज सिंह

लेखक न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में असिस्टेंट एग्जीक्यूटिव एडिटर हैं

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