राजनीति

आशुतोष का इस्तीफा केजरीवाल ने किया नामंजूर, कहा- इस जन्म में तो मुमकिन नहीं

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| अगस्त 15 , 2018 , 16:51 IST

आजादी के दिन आम आदमी पार्टी में फूट की खबरें आ रहीं हैं। वरिष्ठ पत्रकार से नेता बने आशुतोष ने आम आदमी पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। जिसकी जल्दी ही औपचारिक घोषणा हो सकती है। बता दें कि आशुतोष ने पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल को कुछ महीने पहले ही अपना इस्तीफा सौंप दिया था, लेकिन इसे अभी तक मंजूर नहीं किया गया है। इसलिए अब आशुतोष सार्वजनिक तौर पर पार्टी छोड़ने की घोषणा कर सकते हैं।

एएनआई के मुताबिक उन्होंने अपने इस्तीफे में पार्टी छोड़ने की वजह नितांत निजी बताई है। आशुतोष के करीबी आप के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि भ्रष्टाचार के खिलाफ बनी पार्टी में जिस मकसद से वह आए थे, उससे उन्हें पार्टी में भटकाव महसूस हो रहा है।

पत्रकार से नेता बने आशुतोष ने मंगलवार को ट्वीट कर इस बात का ऐलान किया। उन्होंने लिखा कि हर सफर का अंत होता है। आम आदमी पार्टी के साथ मेरा शानदार और क्रांतिकारी सफर आज खत्म हुआ। मैंने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने लिखा कि ये फैसला मैंने निजी कारणों से लिया है। जिन्होंने मेरा समर्थन किया, उन सभी को धन्यवाद। इसके अलावा आशुतोष ने मीडिया को कहा कि वह इस फैसले पर कोई टिप्पणी नहीं करेंगे।

आशुतोष के पार्टी छोड़ने के ऐलान के बाद कवि कुमार विश्वास ने ट्वीट किया कि आजादी मुबारक।

राजनीति से भी ले सकते हैं संन्यास-:

करीबीयों का कहना है कि आशुतोष सिर्फ आम आदमी पार्टी से ही नही बल्कि राजनीति से ही संन्यास लेंगे। सूत्रों के मुताबिक आशुतोष फिर से पत्रकारिता की तरफ रुख कर सकते हैं। आम चुनाव से महज आठ महीने पहले आशुतोष जैसे कद्दावर नेता का पार्टी से जाना आप के लिए बड़ा झटका है।

कपिल सिब्बल से सवा लाख वोटों से आगे रहकर डा. हर्षवर्धन से हार गए थे आशुतोष-:

2014 के चुनाव के दौरान मोदी लहर में वह चांदनी चौक से तीन लाख से अधिक वोट पाकर दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री डा. हर्षवर्धन से एक लाख वोटों से हार गए थे। फिर भी वह कांग्रेस के पूर्व केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल से सवा लाख वोटों से आगे रहे।

यहां से उठे मतभेद-:

पार्टी नेतृत्व के साथ आशुतोष के मतभेद पिछले साल राज्यसभा चुनाव के दौरान उभरे, जब केजरीवाल ने सुशील गुप्ता जैसे उद्योगपति को टिकट दिया था। साथ ही वह आशुतोष और संजय सिंह को राज्यसभा भेजना चाहते थे। लेकिन आशुतोष ने स्पष्ट कहा कि उनका जमीर उन्हें सुशील गुप्ता के साथ राज्यसभा जाने की इजाजत नहीं देता है। चाहें उन्हें टिकट मिले या न मिले, सुशील गुप्ता को राज्यसभा नहीं भेजा जाना चाहिए।


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