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ओलांद के बयान से फ्रांस सरकार का किनारा, कहा- राफेल डील में हमारी कोई भूमिका नहीं

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| सितंबर 22 , 2018 , 11:31 IST

राफेल डील को लेकर मचे सियासी घमासान के बीच फ्रांस सरकार ने स्पष्ट किया है कि वह राफेल फाइटर जेट डील के लिए भारतीय औद्योगिक भागीदारों को चुनने में किसी भी तरह से शामिल नहीं थी। फ्रांस सरकार ने जोर देकर कहा कि फ्रेंच कंपनी को कॉन्ट्रैक्ट के लिए भारतीय कंपनी का चुनाव करने की पूरी आजादी रही है।

फ्रेंच कंपनी दैसॉ ने भी बयान जारी कर कहा है कि उसने ऑफसेट पार्टनर के रूप में खुद रिलायंस का चुनाव किया था।

Master (1)राफेल पर फ्रांस सरकार की ओर से ये बयान ऐसे समय आया है जब तत्कालीन फ्रांस के राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद ने कहा कि राफेल डील के लिए भारत सरकार की ओर से अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस का नाम प्रस्तावित किया गया था और दसॉ एविएशन कंपनी के पास कोई और विकल्प नहीं था।

इस पूरे मामल पर दैसॉ ने बयान जारी कर कहा है कि उसने मेक इन इंडिया के तहत रिलायंस डिफेंस को अपना पार्टनर चुना है। उसने कहा है कि इस साझेदारी से फरवरी 2017 में दैसॉ रिलायंस एयरोस्पेस लिमिटेड जॉइंट वेंचर तैयार हुआ। दैसॉ और रिलायंस ने नागपुर में फॉल्कन और राफेल एयरक्राफ्ट के मैन्युफैक्चरिंग पार्ट के लिए प्लांट बनाया है। दैसॉ ने कहा कि उनके सीईओ एरिक ने इस साल अप्रैल में भारत में दिए गए एक इंटरव्यू में इसे एक्सप्लेन किया।

उधर ओलांद के बयान के बाद देश में राजनीति फिर गर्मा गई है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को केंद्र की मोदी सरकार पर हमला बोलने का एक और कारण मिल गया। राहुल ने ओलांद के इस बयान को दोनों हाथों से लपका और बिना देरी किए पीएम मोदी पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने बंद दरवाजे के पीछे निजी तौर पर राफेल डील पर बात की और इसमें बदलाव कराया।

राहुल गांधी ने कहा कि फ्रांस्वा ओलांद को धन्यवाद, हम अब जानते हैं कि उन्होंने दिवालिया हो चुके अनिल अंबानी के लिए बिलियन डॉलर्स की डील कराई। प्रधानमंत्री ने देश को धोखा दिया है। उन्होंने उन्होंने सैनिकों के खून का अपमान किया है।

 


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