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राफेल डील: मीडियापार्ट के आरोपों पर दसॉ की सफाई, खुद किया था रिलायंस का चुनाव

दीपक गुप्ता, न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| अक्टूबर 11 , 2018 , 11:16 IST

राफेल डील पर शुरु हुआ विवाद दिनों दिन अपने साथ कुछ न कुछ नया सामने लाता है। फ्रांस की इन्वेस्टिगेटिव वेबसाइट मीडियापार्ट के राफेल डील में पर खुलासे के बाद फ्रांसीसी कंपनी दसॉ की प्रतिक्रिया सामने आ गई है। कंपनी ने वेबसाइट की रिपोर्ट को खारिज करते हुए बताया है कि उसने जॉइंट वेंचर के पार्टनर के रूप में खुद से ही रिलायंस कंपनी का चुनाव किया था।

मीडियापार्ट के आरोपों पर दसॉ ने जवाब दिया है। दसॉ का कहना है कि फ्रांस और भारत के बीच सितंबर 2016 में सरकार के स्तर पर समझौता हुआ था। इसमें दसॉ ने भारत सरकार को 36 राफेल विमान बेचे थे।

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नियमों का पालन हुआ

दसॉ एविएशन ने कहा कि भारतीय नियमों के अनुपालन के लिए उसे 50 फीसदी का ऑफसेट अनुबंध करना था। दसॉ ने इसके लिए एक जॉइंट वेंचर के गठन का फैसला किया। कंपनी ने आगे कहा है कि दसॉ एविएशन ने स्वतंत्र रूप से इसके लिए रिलायंस ग्रुप का चुनाव किया। 10 फरवरी 2017 को जॉइंट वेंचर दसॉ रिलायंस एयरोस्पेस लिमिटेड  का गठन किया गया।

अन्य साझेदारों से हो रही है बात

दसॉ एविएशन ने कहा कि बीटीएसएल, DEFSYS, काइनेटिक, महिंद्रा, Maini, SAMTEL जैसी कंपनियों के साथ भी अन्य साझेदारियों पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इसके अलावा 100 अन्य संभावित साझेदारों के साथ बातचीत चल रही है। कंपनी ने कहा है कि इस प्रक्रिया में फ्रेंच रेग्युलेशन का भी पूरा पालन हुआ है।

सरकार पर हमलावर है विपक्ष

भारत में राफेल विमान सौदे को लेकर विपक्षी दल सरकार पर हमलावर हैं। राजनीतिक दल सरकार पर आरोप लगा रहे हैं। प्रमुख विपक्षी पार्टी कांग्रेस राफेल विमान की कीमतों और इस सौदे में रिलायंस डिफेंस को ऑफसेट पार्टनर चुनने पर लगातार सवाल उठा रही है। देश के सुप्रीम कोर्ट ने भी सरकार से कहा है कि उसके सामने इस डील की पूरी प्रक्रिया रखी जाए।


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