राजनीति

राजनीति की भेंट चढ़ रही है दिल्ली सरकार की लोकप्रिय घर पहुंच सेवा, LG बने अड़ंगा

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| दिसंबर 27 , 2017 , 14:14 IST

दिल्ली सरकार के फैसले को लेकर उप राज्यपाल और सरकार में एक बार फिर तनातनी शुरु हो गई है। दिल्ली के उप राज्यपाल अनिल बैजल ने केजरीवाल सरकार के उस ऐतिहासिक प्रस्ताव को खारिज कर दिया है, जिसके तहत सरकार 40 सार्वजनिक सेवाओं मसलन, बर्थ सर्टिफिकेट, लाइसेंस, पेंशन आदि को घर-घर जाकर पहुंचाने वाली है। इस बात की जानकारी दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने दी।

सिसोदिया ने ट्वीट कर कहा है, उपराज्यपाल महोदय ने दिल्ली सरकार द्वारा 40 सेवाओं को घर बैठे उपलब्ध कराने की योजना को ठुकरा दिया है। इसमें जन्म प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, विभिन्न लाइसेंस, सामाजिक कल्याण की योजानाएं, पेंशन और निबंधन भी शामिल था। हालांकि, अपने ट्वीट में सिसोदिया ने लिखा है, एलजी ने उसे सरकार के पास दोबारा विचार के लिए वापस भेजते हुए लिखा है कि इन सेवाओं को डिजिटली लोगों को मुहैया कराया जा सकता है बजाय इसके कि उसे दरवाजे तक इसके कागजात पहुंचाएं।

गौरतलब है कि कुछ दिनों पहले अरविंद केजरीवाल ने घोषणा की थी कि सरकार बुनियादी सरकारी सेवाओं जैसे जन्म प्रमाण पत्र, लाइसेंस, पेंशन, कल्याण स्कीम, राशन आदि की डिलिवरी घर-घर जाकर करेगी। इस घोषणा को दिल्ली के लोगों ने एक सराहनीय कदम बताया था।

सिसोदिया ने कई ट्वीट किए हैं और उप राज्यपाल पर आरोप लगाया है कि उप राज्यपाल ने ग्राउंड रियलिटी जाने बिना ही प्रस्ताव को खारिज कर दिया। उन्होंने लिखा है कि इससे करप्शन फ्री सरकार देने की मुहिम को भी झटका लगा है। सिसोदिया ने अगले ट्वीट में उप राज्यपाल पर सवाल भी खड़े किए हैं कि क्या एक निर्वाचित सरकार द्वारा जनता की भलाई के लिए ठोस कदम उठाने पर एलजी को रोकना चाहिए? इसके बाद उन्होंने लिखा है कि वो आज उदास हैं।

सिसोदिया के लगातार कई ट्वीट से इस बात की भी चर्चा है कि दिल्ली में फिर से एलजी और आप सरकार के बीच शीतयुद्ध छिड़ सकता है। बता दें कि पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि दिल्ली में एलजी ही वास्तविक सरकार के मुखिया हैं।

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