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रेप मामले में तरुण तेजपाल के खिलाफ 28 सितंबर को तय होंगे आरोप

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| सितंबर 26 , 2017 , 17:33 IST

मुंबई हाई कोर्ट की पणजी पीठ ने मंगलवार को तहलका के पूर्व संपादक तरुण तेजपाल पर एक निचली अदालत में आरोप तय करने के फैसले पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है। इसके साथ ही पीठ ने हाई कोर्ट की सहमति के बाद ही मामले की सुनवाई शुरू करने के निर्देश दिए हैं।

कोर्ट का ये आदेश गोवा में 2013 में एक कांफ्रेंस के दौरान अपनी सहकर्मी से कथित दुष्कर्म के मामले में अतिरिक्त उत्तरी गोवा जिला और सत्र न्यायालय द्वारा उनके खिलाफ आरोप तय करने को चुनौती देने की तेजपाल की याचिका के बाद आया है।

तेजपाल के वकील अमन लेखी ने आरोप तय करने की प्रक्रिया को चुनौती देते हुए कहा कि दुष्कर्म के आरोप झूठे हैं और अभियोजक पक्ष ने उन्हें साक्ष्य सौंपने में तीन साल की देरी कर दी।

वहीं, अभियोजन पक्ष के वकील सरेश लोटलीकर ने कहा कि सिर्फ उचित सुनवाई ही तेजपाल के खिलाफ लगे आरोपों की सत्यता साबित कर सकती है।

न्यायाधीश पृथ्वीराज चव्हाण ने साथ ही निर्देश दिए कि उनकी सहमति के बाद ही निचली अदालत में प्रत्यक्षदर्शियों की जांच हो सकती है।

बता दें कि, तेजपाल पर भारतीय दंड संहिता की धारा 341 (अनाधिकृत तरीके से रोकने), 342 (गलत तरीके से बंदी बनाने), धारा 376 (दुष्कर्म) के तहत मामला दर्ज किया गया है और उसमें एक अतिरिक्त धारा 354 (B) (महिला का शील भंग करने के इरादे से उस पर हमला या आपराधिक बल प्रयोग करना) को भी जोड़ा गया है।

अब हाई कोर्ट ने तेजपाल की अर्जी को खारिज कर दिया है। हाई कोर्ट ने आदेश देते हुए कहा की 28 सितंबर को मापुसा कोर्ट ही तेजपाल पर आरोप तय करेगी।

Tarun-tejpal

हालांकि, हाई कोर्ट ने मापुसा अदालत को इस केस के गवाहों की जांच करने से रोक दिया है। कोर्ट ने आदेश देते हुए इस केस की सुनावाई 1 नवंबर 2017 को तय की है।

गौरतलब है कि, तरुण तेजपाल पर नवंबर 2013 में उत्तरी गोवा में एक कार्यक्रम के दौरान एलेवेटर में अपनी जूनियर महिला सहकर्मी का यौन शोषण करने का आरोप लगा है।

इस घटना के सामने आने के बाद तेजपाल को गिरफ्तार कर लिया गया था और अभी वह जमानत पर रिहा हैं।


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