दीपावली स्पेशल 2018

Govardhan Puja: जानिए क्या है कृष्ण से संबंध, पूजा विधि और महत्व

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| नवंबर 8 , 2018 , 09:56 IST

आज गोवर्धन पूजा है। देशभर में दिवाली के अगले दिन गोवर्धन पूजा की जाती है। कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा को होने वाली गोवर्धन पूजा का खास महत्व होता है। गोवर्धन पूजा भगवान श्री कृष्ण के जुड़ी हुई है। 

GGGगोवर्धन पूजा भगवान कृष्ण के अवतार के बाद द्वापर युग से प्रारम्भ हुई। इसमें हिन्दू धर्मावलंबी घर के आंगन में गाय के गोबर से गोवर्धन नाथ जी की आकृति बनाकर उनका पूजन करते हैं। उसके बाद गिरिराज भगवान को प्रसन्न करने के लिए उन्हें अन्नकूट का भोग लगाया जाता है।

Mmभारत में कई जगहों पर इसे इसे अन्नकूट के नाम से भी पुकारा जाता है। विभिन्न प्रकार के अन्न को समर्पित और वितरित करने के कारण ही इस उत्सव या पर्व का नाम अन्नकूट पड़ा है। इस दिन अनेक प्रकार के पकवान, मिठाई से भगवान को भोग लगाया जाता है।

गोवर्धन पूजा का शुभ मुहूर्त

गोवर्धन पूजा का पहला मुहूर्त- सुबह 6:42 से 8:51 तक है।

गोवर्धन पूजा का दूसरा मुहूर्त- दोपहर 3:18 से शाम 5:27 तक है।

क्या है पौराणिक मान्यताएं

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन भगवान कृष्ण ने गोवर्धन पर्वत को अपनी छोटी उंगली पर उठा कर ब्रजवासियों की भारी बारिश से रक्षा की थी। ऐसा करके श्रीकृष्‍ण ने इंद्र के अहंकार को भी चूर-चूर किया था। गोवर्धन पूजा का श्रेष्ठ समय प्रदोष काल में माना गया है।

321इस दिन व्यापारी लोग अपनी दुकानों, औजारों और बहीखातों की भी पूजा करते हैं। जिन लोगों का लौहे का काम होता है वो विशेषकर इस दिन पूजा करते हैं और इस दिन कोई काम नहीं करते हैं। काफी फैक्ट्रियां बंद होती हैं। मशीनों की पूजा होती है। अन्न की पूजा के साथ इस दिन कई जगह लंगर लगाए जाते हैं। लंगर में पूड़ी, बाजरा, मिक्स सब्जी, आलू की सब्जी, चूर्मा, खीर, कड़ी आदि प्रमुख होते हैं।


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