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चीन को नाराज नहीं करना चाहता भारत, दलाई लामा के कार्यक्रम से अधिकारियों को दूर रहने का आदेश

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| मार्च 2 , 2018 , 17:46 IST

सरकार ने शुक्रवार को यह साफ किया है कि पड़ोसी देश चीन को खुश करने के लिए दलाई लामा को लेकर इसके स्टैंड में कोई बदलाव नहीं आया है। यह भी कहा कि दलाई लामा देश में कहीं भी धार्मिक आयोजन के लिए स्वतंत्र हैं। केंद्र ने उन मीडिया रिपोर्ट्स पर यह जवाब दिया है जिनमें कहा गया था कि सरकार ने अधिकारियों को बौद्ध धर्मगुरु के भारत में निर्वासन के 60 साल पूरे होने के मौके पर आयोजित कार्यक्रमों से दूर रहने को कहा है।

चीन दलाई लामा को मानता है अलगाववादी

कथित निर्देश को लेकर कहा गया था कि भारत पेइचिंग के साथ अपने संबंध खराब नहीं करना चाहता है, जो दलाई लामा को एक 'खतरनाक अलगाववादी' और तिब्बत को चीन का हिस्सा मानता है।सरकार ने ऐसे किसी निर्देश का खंडन विशेष तौर पर नहीं किया। इसने सिर्फ इतना कहा कि दलाई लामा को लेकर सरकार के स्टैंड में कोई बदलाव नहीं आया है।

विदेश मंत्रालय की ओर से जारी एक बयान में कहा गया, 'परमपावन दलाई लामा को लेकर सरकार का पक्ष साफ और स्थायी है। वह श्रद्धेय धार्मिक नेता हैं और भारत के लोग उनका बहुत सम्मान करते हैं। इस स्टैंड में कोई बदलाव नहीं आया है। भारत में धार्मिक गतिविधियों को लेकर उन्हें पूरी स्वतंत्रता है।

60 साल से भारत में निर्वासित जिदगी जी रहे है दलाई लामा

दलाई लामा के भारत में निर्वासन को 60 साल पूरे होने जा रहे हैं और इसके अपलक्ष्य में कई कार्यक्रम होने हैं। तिब्बत स्वतंत्रता आंदोलन पर चीन के प्रहार के बादत दलाई लामा 1959 में भारत आ गए थे।


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