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रोजगार के सवाल पर पीएम मोदी ने कहा, पिछले साल 70 लाख नौकरियां पैदा हुईं

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| जुलाई 2 , 2018 , 15:55 IST

GST के एक साल पूरे होने को मौके पर स्वराज मैगजीन को दिए इंटरव्यू में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रोजगार के सवाल पर जवाब देते हुए कहा कि पिछले साल 70 लाख रोजगार पैदा करने में सरकार सक्षम रही है।

इंटरव्यू में पीएम मोदी ने कहा कि नौकरियों की कमी से अधिक बड़ा मुद्दा नौकरियों की डेटा की कमी होना है। विपक्ष ने स्वाभाविक रूप से अपनी पसंद की एक तस्वीर पेश करने और सरकार को दोषी ठहराते हुए इस अवसर का फायदा उठाया है।

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नौकरियों को मापने का तरीखा सही नहीं-पीएम 

नौकरियों को मापने के सही तरीके को लेकर पीएम मोदी से सवाल किया गाया तो उन्होंने के कहा, ''जब हम अपने देश में रोजगार के रुझानों को देखते हैं, तो हमें यह ध्यान रखना होगा कि हमारे युवाओं की चाहतें उनकी आकांक्षाएं अलग-अलग हैं। उदाहरण के लिए, देश भर में करीब तीन लाख ऐसे उद्यमी हैं जो कॉमन सर्विस सेंटर चला रहे हैं। स्टार्ट-अप नौकरियां जॉब क्रिएशन में प्रोत्साहन के रूप में काम कर रही हैं। आज देशभर में लगभग 15,000 से अधिक स्टार्ट-अप हैं, जो हजारों युवाओं को रोजगार देते हैं जिन्हें सरकार किसी न किसी तरह से मदद कर रही है।

नौकरियों का सही डाटा नहीं-पीएम

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वराज मैगजीन को दिए इंटरव्यू में कहा कि नौकरियों के मुद्दे पर हमें दोष देने के लिए मैं विपक्ष को दोष नहीं देता, मगर यह बताना जरूरी है कि उनके पास नौकरियों पर सटीक डेटा नहीं है। नई इकॉनमी में पैदा होने वाली नौकरियों के हिसाब से नौकरियां को गिनने के हमारा तरीका पुराना है और वो सही नहीं है।

70 लाख लोगों को दिया रोजगार-पीएम

रोजगार के मामले में विपक्ष के आरोपों का कड़ा जवाब देते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि देश में रोजगार की कहीं कोई कमी नहीं है। पीएम ने ईपीएफओ का हवाला देते हुए एक मैग्जीन को दिए इंटरव्यू में कहा कि पिछले साल संगठित क्षेत्र में 70 लाख नौकरियां पैदा हुई है। जबकि, अंसगठित क्षेत्र में 80 फीसदी जॉब पैदा हुई।

पीएम ने कहा कि बीते एक साल एक करोड़ नए घर बनाए गए। जाहिर है अगर घर बने तो इसमें लोगों को नौकरियां भी मिली होंगी। उन्होंने आगे कहा कि मुद्रा योजना के तहत सरकार ने 12 करोड़ रूपये का लोन दिया है।


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