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चंद्रमा पर आशियाना बनाने की तैयारी में इसरो, संभावित ढांचों के साथ हो रहा प्रयोग

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| मार्च 22 , 2018 , 11:13 IST

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) अंतरिक्ष के क्षेत्र में एक के बाद एक बड़ी सफलताएं अर्जित कर रहा है। चांद पर गहरी रिसर्च करने के बाद अब इसरो इस पर घर बनाने की तैयारियों में जुटा हुआ है। इसरो इस बात की संभावना तलाश रहा है कि क्या चंद्रमा पर इंसान जाकर रह सकते है।

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) चंद्रमा पर बसावट के लिए संभावित ढांचों के साथ प्रयोग कर रहा है। इसकी जानकारी केंद्र सरकार ने लोकसभा में बुधवार को दी। तेलंगाना राष्ट्र समिति के सांसद सुमन बालका द्वारा पूछे गए एक सवाल के जवाब में प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह ने बताया कि इसरो दूसरे संस्थानों के साथ मिलकर चंद्रमा पर बसावट के बारे में ढांचों के साथ प्रयोग कर रहा है। अंतरिक्ष विभाग प्रधानमंत्री कार्यालय के तहत ही आता है।

इसरो ने चांद पर इग्लू बनाने पर काम शुरू कर दिया है। इसके लिए रोबॉट्स और 3D प्रिंटर्स भेजे जाएंगे और चांद की मिट्टी और अन्य मटीरियल्स का इस्तेमाल किया जाएगा।

इससे संबंधित एक और प्रश्न का जवाब देते हुए जितेंद्र सिंह ने कहा कि भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए चंद्रमा पर बसने के लिहाज से कई तरह के विकल्पों पर शोध हो रहा है।इसरो ने चंद्रमा पर अपना पहला मिशन चंद्रयान-1 साल 2008 में लांच किया था और चंद्रयान-2 को चांद पर भेजने की तैयारी चल रही है। इसे इसी साल अप्रैल या अक्टूबर में चंद्रमा पर भेजा जाएगा।

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जब उनसे पूछा गया कि क्या इसरो ने आगामी मिशनों को ध्यान में रखते हुए चंद्रमा की सतह पर इग्लू जैसी बसावटों के निर्माण पर काम शुरू कर दिया है? क्या चंद्रमा का इस्तेमाल अंटार्कटिका के मिशन की तरह करने का विचार चल रहा है? इस पर जितेंद्र सिंह ने कहा कि बसावटों की जरूरतों और जटिलताओं के बारे में कई विकल्पों पर अध्ययन किया जा रहा है. मालूम हो कि इग्लू का इस्तेमाल सर्द जगहों पर लोगों को गर्म रखने के लिए किया जाता है.


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