राजनीति

जम्मू कश्मीर: विधानसभा भंग, PDP- कांग्रेस ने जताई निराशा, BJP ने किया स्वागत

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| नवंबर 22 , 2018 , 08:35 IST

जम्मू कश्मीर में सरकार बनाने की संभावनाओं के बीच राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने विधानसभा भंग कर दी है। विधानसभा भंग करने के पीछे सत्यपाल मलिक ने चार बड़ी वजहें बताईं।

राजभवन की ओऱ से जारी बयान में कहा गया है कि विरोधी विचारधारा के राजनीतिक दलों के साथ मिलकर राज्य को स्थाई सरकार दे पाना लगभग ना मुमकिन है। खासकर जब गठबंधन में वैसी पार्टियां भी हों जो विधानसभा भंग करने की मांग करती रही हों।

ऐसी स्थिति में सरकार बनाने के लिए जरुरी नंबर हासिल करने की कोशिश होगी जिसमें विधायकों की खरीद फरोख्त की भी संभावना बढ़ जाती है। जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा के नाजुक हालात के मद्देनजर यहां सुरक्षा बलों के लिए स्थायी एवं सहयोगी वातावरण की जरूरत है, जो गहन आतंकरोधी अभियानों को अंजाम दे रहे हैं और हालात पर नियंत्रण पाने में लगातार सफल हो रहे हैं।

इससे पहले जम्मू कश्मीर में पीपल्स डेमोक्रैटिक पार्टी की चीफ महबूबा मुफ्ती ने राज्यपाल को पत्र लिखकर सरकार बनाने का दावा पेश किया था। अपने दावे में उन्होंने पीडीपी- कांग्रेस और नेशनल कांफ्रेस के साथ मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश किया था। उन्होंने 56 विधायकों के समर्थन का पत्र गर्वनर को फैक्स किया था।

विधानसभा भंग करने के फैसले पर पीडीपी, एनसी औऱ कांग्रेस ने निराशा जताई है। वहीं बीजेपी ने राज्यपाल के फैसले का स्वागत किया है।

एनसी के अध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने एक ट्वीट में लिखा कि जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस पांच महीनों से लगातार विधानसभा भंग करने की मांग कर रही थी। इसे संयोग नहीं मान सकते कि इधर महबूबा मुफ्ती सरकार बनाने का दावा पेश करने जा रही थीं और उधर राज्यपाल ने विधानसभा भंग कर दी।

कांग्रेस के नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि बीजेपी नहीं चाहती है कि उसके अलावा कोई और सरकार बनाए। अब राज्य में तीन से चार महीनों में चुनाव हो जाने चाहिए, क्योंकि हम नहीं चाहते कि वहां पर राज्यपाल शासन लागू रहे।

वहीं महबूबा मुफ्ती ने राज्यपाल के इस फैसले को काफी हैरानी भरा बताया है।


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