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देश की विकास दर में कमी, कांग्रेस ने कहा-मोदी सरकार ने अर्थव्यवस्था का बंटाधार कर डाला !

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| जनवरी 5 , 2018 , 20:40 IST

केन्द्र सरकार द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक चालू वित्त वर्ष 2017-18 के दौरान जीडीपी की विकास दर 6.5 फीसद रहने का अनुमान है। जबकि पिछले वित्त वर्ष के दौरान यह विकास दर 7.1 फीसदी के स्तर पर थी।केन्द्रीय सांख्यिकी विभाग के आंकड़ों की माने तो वित्त वर्ष 2017-18 दूसरी तिमाही में जीडीपी ग्रोथ रेट 6.3 फीसदी ही रही।

इस मामले में कांग्रेस ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि, देश की विकास दर में कमी, मोदी सरकार ने इकोनामी का बंटाधार कर डाला। इतना ही नहीं कांग्रेस प्रवक्ता रनदीप सुरजेवाला ने ट्वीट कर कहा कि, एक नौसीखिये वित्तमंत्री और अहंकारी प्रधानमंत्री तथा "सावन की अंधी" भाजपा सरकार ने मिलकर अर्थव्यवस्था का बंटाधार कर डाला। उन्होनें आगे लिखा कि, बोया पेड़ बबूल का तो आम कहाँ से होये!

हालांकि बीते वर्ष के मुकाबले इस वित्त वर्ष में केन्द्र सरकार के बड़े आर्थिक फैसलों से विकास दर पर दबाव साफ़ देखने को मिला रहा है। गौरतलब है कि वैश्विक रेटिंग एजेंसी फिच ने भारत की जीडीपी वृद्धि दर को मौजूदा वित्त वर्ष में  6.7 फीसदी रहने का अनुमान लगाया था।हालांकि इससे भी पहले एजेंसी ने यह दर 6.9 फीसदी रहने का अनुमान दिया था।

बता दें जीडीपी के इन आंकड़ों से केन्द्र सरकार को हद तक राहत पहुंची है क्योंकि चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में जीडीपी की विकास दर मात्र 5.7 फीसदी ही थी।मौजूदा वित्त वर्ष के दौरान 6.5 फीसदी के अनुमान से साफ पता चल रहा है कि देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा जीएसटी का असर धीरे-धीरे खत्म हो रहा है।

एजेंसी ने भारतीय अर्थव्यवस्था में सुधार अपेक्षा से कमजोर है इसलिए उसने वृद्धि दर अनुमान में कटौती की थी। बता दें एजेंसी ने कहा था कि अगले वर्ष 2018-19 में भी भारत की वृद्धि दर मात्र 7.3 फीसदी ही रहने का अनुमान है।

जबकि अपने सितंबर वैश्विक आर्थिक परिदृश्य में उसने यह अनुमान 7.4 फीसदी रखा था। इन सब के अलावां एजेंसी को ऐसी उम्मीद है कि ढांचागत सुधार एजेंडे तथा खर्च योग्य आय में बढोतरी के बीच जीडीपी वृद्धि दर आने वाले दो साल में बढ़ेगी और मजबूत होगी।


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