ख़ास रिपोर्ट

कहां गायब हो गई उज्बेकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति की बेटी गुलनारा? (ख़ास रिपोर्ट)

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| सितंबर 2 , 2017 , 13:47 IST

उज्बेकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति इस्लाम करीमोव की बेटी कहां गायब हो गई? ये सवाल इस देश की अबतक की सबसे बड़ी मिस्ट्री बना हुआ है। 

उज्बेक के प्रेसिडेंट इस्लाम करीमोवा की बेटी गुलनारा करिमोवा की गुमशुदगी को लेकर फिर चर्चा छिड़ गई है। हालांकि अपने पिता की मौत की अफवाह की खबर के बीच भी 44 साल की गुलनारा दुनिया के सामने नहीं आईं, इसके बाद से उनकी गुमशुदगी को लेकर चर्चा होनी शुरू हो गई है ।

वर्ष1991 में सोवियत यूनियन के विघटन के बाद 1 सितंबर को उज्बेकिस्तान स्वतंत्र देश बना था। इसके बाद इस्लाम करीमोव 1991 से 2016 तक उज्बेकिस्तान के पहले राष्ट्रपति रहे। करीमोव का 2 सितंबर, 2016 में निधन हो गया था। इसके बाद शौकत मिर्जियोव देश के दूसरे राष्ट्रपति बने। हालांकि करीमोव की मौत के बाद उनका वारिस उनकी बेटी गुलनारा थीं, लेकिन पिता की मौत के एक हफ्ते बाद ही गुलनारा लापता हो गई थीं। लंदन बेस्ड पब्लिकेशन के अनुसार दो सालों बाद गुलनारा उज्बेकिस्तान के मेंटल हॉस्पिटल में नजर आई थीं, इसके कुछ महीनों बाद ही उनकी मौत की खबर आई। इसके पीछे शौकत का हाथ बताया जाता है, लेकिन उज्बेकिस्तान की सरकार अब भी उन्हें लापता बताती है। 

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सोवियत यूनियन की सबसे अमीर महिला थी गुलनारा

वर्ष 2000 में हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से पढ़ाई पूरी करने के बाद गुलनारा को विदेशी मामलों का सलाहकार बनाया गया था। 

वे उज्बेकिस्तान की डिप्टी फॉरेन मिनिस्टर भी रहीं। इसके बाद पॉप सिंगर बनकर पूरे देश में छा गईं थीं।

गुलनारा की खूबसूरती के चलते उज्बेकी लोग उन्हें ‘प्रिंसेस गुलनारा’ कहते हैं।

पिता की मौत के बाद बुरे हालात में का सामना करने वाली गुलनारा एक समय सोवियत यूनियन की सबसे अमीर महिलाओं की टॉप टेन की लिस्ट में शामिल थीं।

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साल 2013 में लगे थे भ्रष्टाचार के आरोप

पेशे से मॉडल, पॉप सिंगर, राइटर और डिजाइनर गुलनारा पर साल 2013 में 1 बिलियन डॉलर (करीब 6707 करोड़ रुपए) के करप्शन के आरोप लगे थे।

इसके साथ ही उन पर स्कैंडिनेवियाई और रशियन टेलिकॉम कंपनियों से बड़ी रकम और शेयर लेने के भी आरोप लगे। पनामा पेपर लीक्स में भी उनका नाम सामने आया था।

इसके बाद उनके पिता करीमोव ने ही उन्हें अपने महल में नजरबंद करवा दिया था। इसके बाद फिर वे दोबारा कभी दिखाई नहीं दीं। इसके बाद उनके पिता की मौत और उनके मेंटल हॉस्पिटल में भर्ती होने से लेकर मौत की खबर आई।

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क्रूर तानाशाह थे गुलनारा के पिता करीमोव

करीमोव का जन्म 1938 में उज्बेकिस्तान में ही हुआ था। इस दौरान उज्बेकिस्तान सोवियत यूनियन का हिस्सा था। 

करीमोव के माता-पिता सिविल सर्वेंट थे। करीमोव के बारे में यह भी कहा जाता है कि वे किसी और की संतान थे और उनके बचपन के तीन-चार साल अनाथालय में ही बीते। 

इंजीनियरिंग और इकोनॉमिक्स की पढ़ाई पूरी करने के बाद करीमोव कम्युनिस्ट पार्टी से जुड़े। करीमोव बचपन से प्रभावी वक्ता थे और उनकी बातों से लोग जल्द ही प्रभावित हो जाया करते थे। 

इसके चलते कम्युनिस्ट पार्टी में उसका कद तेजी से बढ़ा और कुछ ही सालों में उन्हें कम्युनिस्ट पार्टी का प्रेसिडेंट बना दिया गया। 

साल 1991 में सोवियत यूनियन के विघटन के बाद उज्बेकिस्तान स्वतंत्र देश बना और इस तरह करीमोव देश के पहले राष्ट्रपति चुने गए। 

तानाशाही के दम पर करीमोव अपनी मौत तक देश के राष्ट्रपति बने रहे। विरोधी अगर उनकी बात नहीं मानते थे तो उनकी मौत तय थी। 

करीमोव के बारे में यह भी कहा गया कि उन्होंने अपने कई दुश्मनों को क्रूर सजाएं दीं। कइयों को तो उबलते पानी में डुबोकर मरवाया। 

इसी तरह साल 2005 में विरोध प्रदर्शन दबाने के लिए सेना को आदेश देकर 400-500 लोगों की हत्याएं करा दी थीं। इसके बाद करीमोव के खिलाफ किसी ने आवाज नहीं उठाई।


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