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आरक्षण: रेलवे ट्रैक पर अलाव जमा कर बैठे गुर्जर आंदोलनकारी, कई ट्रेनें कैंसल

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| फरवरी 9 , 2019 , 13:01 IST

पांच फीसदी आरक्षण की मांग को लेकर राजस्थान में दो दिन से किए जा रहे गुर्जर आंदोलन की वजह से रेलवे ने शनिवार को 14 ट्रेनें रद्द कर दीं। चार के मार्ग बदले गए हैं। शुक्रवार को भी 25 ट्रेनों पर असर पड़ा था। सवाईमाधोपुर के मलारना स्टेशन और नीमोदा रेलवे स्टेशन के बीच गुर्जरों ने ट्रैक जाम कर दिया है। उन्होंने ट्रैक पर ही तंबू लगा लिया है और अलाव जलाकर बैठे हैं। इससे दिल्ली और मुंबई के बीच ट्रेनों का आवागमन बंद हो गया।

शनिवार को ये ट्रेनें रद्द की गईं

19020 देहरादून-बांद्रा एक्सप्रेस

19021 बांद्रा टर्मिनस-लखनऊ एक्सप्रेस

12415 इंदौर-नई दिल्ली सुपारफास्ट एक्सप्रेस

12416 नई दिल्ली-इंदौर सुपारफास्ट एक्सप्रेस

12909 बांद्रा-निजामुद्दीन गरीब रथ

इनके अलावा नौ और ट्रेनों को रद्द किया गया है।

शुक्रवार को 25 ट्रेनें प्रभावित हुईं थीं

59812 आगरा फोर्ट-रतलाम- रद्द

54794 मथुरा-सवाई माधोपुर पैसेंजर आंशिक रद्द

12060 जनशताब्दी एक्सप्रेस, आंशिक रद्द

69155 रतलाम-मथुरा, आंशिक रद्द

59811 रतलाम-आगरा, आंशिक रद्द

20 ट्रेनों का मार्ग बदला गया

दिल्ली से आने वाली ट्रेनें बयाना में खड़ी की गईं

बैंसला के साथ प्रदर्शन कर रहे लोग कोटाली ट्रेक पर बैठे हैं। गुर्जर आंदोलन की शुरुआत के साथ ही रेलवे ने दिल्ली से आने वाली ट्रेनों को बयाना में खड़ा कर दिया है। सवाई माधोपुर गंगानगर में भी ट्रेनों को आगे जाने से रोक दिया गया है। अवध एक्सप्रेस को भी सवाई माधोपुर में रोक दिया गया है। रेलवे ने इन ट्रैक पर सभी ट्रेनों का संचालन बंद कर दिया है।

बैंसला बोले- अब सीधे आरक्षण की चिट्‌ठी चाहिए

गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के संयोजक कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला की अगुवाई में गुर्जरों ने ट्रैक रोका है। बैंसला ने कहा कि शुक्रवार शाम चार बजे तक का अल्टीमेटम दिया था, जो खत्म हो चुका है। इस बार समझौता नहीं होगा। सीधे आरक्षण की चिट्ठी चाहिए। उन्होंने आंदोलनकारियों से कहा है कि सरकारी संपत्ति का नुकसान नहीं हो। आम आदमी, महिलाएं और व्यापारी को किसी प्रकार का नुकसान नहीं पहुंचाया जाए। इससे पूर्व बैंसला ने महारना में ही महापंचायत करके आंदोलन की घोषणा की।

सरकार बातचीत के लिए तैयार

अशोक गहलोत ने कहा कि सरकार बातचीत के लिए तैयार है। इसके साथ अधिकारियों से पूरे मामले की जानकारी भी ली। वहीं बैंसला का कहना है कि किसी भी बातचीत के लिए सरकार को ट्रैक पर ही आना पड़ेगा।

तीन मंत्रियों की कमेटी बनाई

सरकार ने पर्यटन मंत्री विश्वेंद्र सिंह, स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा और सामाजिक न्याय विभाग मंत्री भंवरलाल मेघवाल की कमेटी बनाई है। गुर्जर आंदोलन से ज्यादा प्रभावित भरतपुर और अजमेर संभाग ही हैं, इसलिए दोनों संभागों के प्रतिनिधित्व के रूप में विश्वेंद्र और रघु को गुर्जरों को मनाने का जिम्मा दिया गया है। भरतपुर में मौजूद विश्वेंद्र सिंह ने कहा कि शनिवार सुबह सरकार के आला अफसरों को मीटिंग के लिए बुलाया है। इसमें तय होगा कि आंदोलन से किस तरह से निपटा जाए। गुर्जर चाहेंगे तो मैं ट्रैक पर जाने को तैयार हूं। मेघवाल व रघु शर्मा अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रमों में व्यस्तता के कारण देर रात तक भरतपुर नहीं पहुंचे थे।


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