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साऊथ दिल्ली में खुले में नॉनवेज रखने पर लगा प्रतिबंध, MCD ने पारित किया प्रस्ताव

icon अमितेष युवराज सिंह | 0
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| दिसंबर 28 , 2017 , 15:24 IST

साउथ दिल्ली में जल्द ही आपको सड़क किनारे चिकन तंदूरी और चिकन टिक्का जैसी नॉनवेज चीजें देखने को नहीं मिलेंगी। इसे लेकर दक्षिण दिल्ली नगर निगम ने एक प्रस्ताव भी पारित किया है। इस प्रस्ताव के हिसाब से रेस्टोरेंट, ढाबों या ठेलों आदि पर सार्वजनिक रूप से नॉन-वेज फूड आइटम नहीं दिखाए जा सकेंगे।

प्रस्ताव पर राजनीति शुरू हो गई है। एसडीएमसी ने सेहत का हवाला देते हुए एक प्रस्ताव पारित किया था जिसमें रेस्टोरेंट मालिक अपने यहां बाहर नॉनवेज डिस्प्ले पर नहीं रख सकते। प्रस्ताव में कहा गया है कि इससे सेहत खराब होने का डर रहता है और वेजीटेरियन लोग इससे असहज महसूस करते हैं।

साउथ दिल्ली एमसीडी में हेल्थ कमेटी के सदस्य संजय ठाकुर के मुताबिक रेस्ट्रॉन्ट के बाहर खुले में नॉनवेज टांगना उसे खाने वालों की सेहत के लिए खतरनाक हो सकता है। खुले में नॉनवेज टांगने से उसमे धूल लगती है और कई बार उस पर मक्खी बैठ जाती है जो सेहत के लिए बेहद खतरनाक हो सकता है।

हेल्थ कमेटी भले ही इसे स्वास्थ्य से जोड़ रही हो लेकिन खुद साउथ दिल्ली की मेयर की मानें तो ये लोगों की भावनाओं से जुड़ा मसला है क्योंकि शाकाहारी लोग नॉनवेज के इस खुलेआम प्रदर्शन से थोड़ा असहज महसूस करते हैं। साउथ एमसीडी स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक प्रस्ताव पारित होने के बाद से खुलेआम नॉनवेज टांगने वाले करीब 350 रेस्ट्रॉन्ट और ढाबा मालिकों को चेतावनी का नोटिस भेज दिया गया है।

ये अभी कानून बना भी नहीं और इसपर पहले ही राजनीति गरमा गई है। आप प्रवक्ता सौरभ भारद्वाज ने कहा है कि 'भाजपा भावनाओं का ध्रुवीकरण करने का प्रयास कर रही है। यदि यह प्रस्ताव आगे बढ़ाया जाता है, तो हिंदुओं को सबसे ज्यादा समस्याओं का सामना करना पड़ेगा। कश्मीरी पंडितों, दलितों से लेकर पंजाबी तक, सभी हिंदू और नॉन-वेजिटेरियन हैं।' भारद्वाज ने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा, 'भाजपा चाहती है कि हम इस कदम पर प्रतिक्रिया दें और विरोध करें, जिससे वो लोगों की भावनाओं से खेल सकते हैं और ध्रुवीकरण कर सकते हैं।'

उन्होंने कहा कि जब ये मुद्दा सदन में पर लाया जाता है, तब इसके बारे में चर्चा करेंगे और तदनुसार आगे बढ़ेंगे। दक्षिण निगम में कांग्रेस के नेता अभिषेक दत्त ने कहा, 'निगम अस्वस्थ वस्तुओं पर चालान रख सकता है लेकिन भाजपा वेज और नॉनवेज खाद्य पदार्थों पर राजनीति कर रही है और लोगों के निजी जीवन में घुस रही है। अगर उन्हें अस्वस्थ भोजन के साथ समस्याएं हैं, तो खुले में तैयार किए खाद्य पदार्थों के बारे में क्या?' दत्त ने आगे कहा कि निगम को पहले सफाई कर्मचारी के लिए पेंशन, शहर में स्वास्थ्य संबंधी खतरों और सफाई जैसे मुद्दों से पहले निपटना चाहिए।

नॉनवेज खाद्य पदार्थों को डिस्प्ले से हटाने का प्रस्ताव अभी एसडीएमसी कमिश्नर पी.के. गोएल की मंजूरी का इंतजार कर रहा है, जो इसे कानून बनाने से पहले यह जांच करेंगे कि यह प्रस्ताव दिल्ली नगर निगम अधिनियम के अनुसार है या नहीं। यह प्रस्ताव सबसे पहले नजफगढ़ क्षेत्र के काकोला गांव के पार्षद राज दत्त ने स्वास्थ्य समिति मीटिंग के दौरान रखा था।। दत्त के अनुसार, 'बाहर डिस्प्ले पर रखे गए सीख कबाब या बाकी सामान प्रदूषण के कारण दूषित हो सकते हैं। इसके अलावा, यहां कई शाकाहारी के लोग हैं जो इन्हें देखकर अच्छा महसूस नहीं करते।'

इसके बाद स्वास्थ्य समिति ने ये प्रस्ताव एसडीएमसी हाउस की बैठक में रखा था जहां सदन ने इसे मंजूरी दे दी है। अगर ये प्रस्ताव कानून बन जाता है तो साउथ दिल्ली में रेस्टोरेंट मालिकों के लिए मुसीबत हो जाएगी। साउथ दिल्ली में अधिकतर जगहों पर नॉनवेज परोसा जाता है और बड़ी संख्या में लोग यहां इसलिए आते हैं।


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अमितेष युवराज सिंह

लेखक न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में असिस्टेंट एग्जीक्यूटिव एडिटर हैं

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