मनोरंजन

नाम गुम जायेगा, चेहरा ये बदल जायेगा, मेरी आवाज़ ही, पहचान है...Happy Birthday Lata ji

दीपक गुप्ता, न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
1539
| सितंबर 28 , 2018 , 09:47 IST

मेरी आवाज ही मेरी पहचान है। जी हां भारतरत्न से सम्मानित स्वर-कोकिला लता मंगेशकर की गिनती अनमोल गायिकाओं में की जाती है। उनकी मधुर आवाज के दीवाने पूरी दुनिया में हैं। सुरों की मलिका कहलाने वाली लता मंगेशकर को कई उपाधियों से नवाजा जा चुका है। शुक्रवार को उनका 89वां जन्मदिन है।

स्वर-कोकिला लता मंगेशकर के जन्मदिन पर राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें जन्मदिन की बधाई दी।

लता मंगेशकर का नाम सुनते ही हम सभी के कानों में मीठी-मधुर आवाज शहद-सी घुलने लगती है। आठ दशक से भी अधिक समय से हिन्दुस्तान की आवाज बनीं लता ने 30 से ज्यादा भाषाओं में हजारों फिल्मी और गैर-फिल्मी गानों में अपनी आवाज़ का जादू बिखेरा। लता ही एकमात्र ऐसी जीवित शख्सियत हैं, जिनके नाम पर पुरस्कार दिए जाते हैं।

Lata_लता का जन्म 28 सितंबर, 1929 को एक मध्यमवर्गीय मराठा परिवार में हुआ। मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में जन्मीं लता पंडित दीनानाथ मंगेशकर की बड़ी बेटी हैं। लता का पहला नाम 'हेमा' था, मगर जन्म के पांच साल बाद माता-पिता ने इनका नाम 'लता' रख दिया था। लता अपने सभी भाई-बहनों में बड़ी हैं. मीना, आशा, उषा तथा हृदयनाथ उनसे छोटे हैं। उनके पिता रंगमंच के कलाकार और गायक थे।

Lata-Mangeshkar-ili-113-img-9लता की परवरिश महाराष्ट्र में हुई। जब लता सात साल की थीं, तब वह महाराष्ट्र आई। लता ने पांच साल की उम्र से पिता के साथ एक रंगमंच कलाकार के रूप में अभिनय शुरू कर दिया था। लता बचपन से ही गायिका बनना चाहती थीं। लता के पिता शास्त्रीय संगीत के बहुत बड़े प्रशंसक थे, इसीलिए शायद वह लता के फिल्मों में गाने के खिलाफ थे। वर्ष 1942 में उनके पिता का देहांत हो गया। इसके बाद उनके परिवार की आर्थिक स्थिति बिगड़ गई और अर्थोपार्जन के लिए लता ने मराठी और हिंदी फिल्मों में छोटी-छोटी भूमिकाएं निभानी शुरू की।

Happy_birthday_lata_mangeshkar

लता को पहली बार मंच पर गाने के लिए 25 रुपये मिले थे। इसे वह अपनी पहली कमाई मानती हैं। लता ने पहली बार 1942 में मराठी फिल्म 'किती हसाल' के लिए गाना गाया। लता के भाई हृदयनाथ मंगेशकर और बहनें ऊषा मंगेशकर, मीना मंगेशकर और आशा भोंसले सभी ने संगीत को ही अपना करियर चुना।

आशा भोसले और लता मंगेशकर

बचपन के दिनों में आशा आशा भोसले अपनी बहन लता के बेहद करीब थीं, लेकिन जब उन्होंने लता के निजी सचिव गणपतराव भोसले के साथ भागकर शादी की, तो लता उनकी इस कदम से बेहद नाराज हो गई और उन्होंने कई सालों तक उनसे बातचीत बंद कर दी। आशा को अपने करियर की शुरुआत में काफी स्ट्रगल करना पड़ा। उस जमाने में गीता दत्त, शमशाद बेगम और लता मंगेशकर का खूब नाम हुआ करता था। जब ये तीनों कोई गाना छोड़ देते तो वो आशा आशा भोंसले को दिया जाता था। इसी के चलते अफवाह थी कि आशा ताई, लता जी को अपना कॉम्पटीटर मानने लगी थीं लेकिन आशा भोंसले ने अपनी अलग पहचान बनाईं। सालों के बाद दोनों बहनें एक साथ मंच पर नजर आईं थीं।

27people-who-influenced-lata-mangeshkar1

विवाह के बंधन में क्यों नहीं बंधी लता?

बचपन में कुंदनलाल सहगल की एक फिल्म चंडीदास देखकर वह कहती थीं कि वह बड़ी होकर सहगल से शादी करेंगी, लेकिन उन्होंने शादी नहीं की। उनका कहना है कि घर के सभी सदस्यों की जिम्मेदारी उन पर थी, ऐसे में जब शादी का ख्याल आता भी तो वह उस पर अमल नहीं कर सकती थीं।


कमेंट करें