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पूर्व प्रधानमंत्री डॉक्टर मनमोहन सिंह का 84वां जन्मदिन, पीएम मोदी ने दी बधाई

icon अमितेष युवराज सिंह | 0
1980
| सितंबर 26 , 2017 , 11:52 IST

पूर्व प्रधानमंत्री डॉक्टर मनमोहन सिंह आज 84वां जन्मदिन मना रहे हैं। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर उन्हें जन्मदिन की शुभकामना दी। पीएम मोदी ने ट्वीट कर कहा, 'मैं पूर्व प्रधानमंत्री डॉक्टर मनमोहन सिंह को जन्मदिन की शुभकामना देता हूं, मैं उनके अच्छे स्वास्थ्य और लंबी उम्र की कामना करता हूं।'

 

देश में आर्थिक सुधारों के सूत्रधार माने जाने वाले मनमोहन का जन्म 26 सितंबर, 1932 को अविभाजित भारत के पंजाब प्रांत में हुआ था। मनमोहन सिंह 2004 से 2014 तक भारत के प्रधानमंत्री रहे। 10 साल के कार्यकाल के दौरान मनमोहन सिंह की चुप्पी पर कई सवाल उठे, लेकिन यही सादगी उनकी सबसे बड़ी विशेषता भी रही।

डाक्टर मन मोहन सिंह को उनकी सादगी के अलावा उनकी उच्च शिक्षा के लिए भी सम्मानित स्थान प्राप्त है। बचपन से ही उनका पढ़ाई की ओर विशेष रुझान था। श्री सिंह ने पंजाब विश्वविद्यालय से प्रथम श्रेणी में बी.ए (आनर्स) की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद वर्ष 1954 में यहीं से एम.ए (इकोनॉमिक्स) में भी उन्होंने पहला स्थान प्राप्त किया। पी.एच.डी. की डिग्री प्राप्त करने के लिए वह कैंब्रिज विश्वविद्यालय गए जहां उन्हें उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए राइट्स पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के नेफिल्ड कॉलेज से मनमोहन सिंह ने डी. फिल की परीक्षा उत्तीर्ण की। मनमोहन सिंह पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़ में व्याख्याता के पद पर नियुक्त होने के बाद जल्द ही प्रोफेसर के पद पर पहुंच गए। मनमोहन सिंह ने दो वर्ष तक दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स में भी अध्यापन कार्य किया। अाज इन्हें दुनिया एक कुशल अर्थशास्त्री के रूप में जानती है। मनमोहन सिंह की की माता का नाम अमृत कौर और पिता का नाम गुरुमुख सिंह है। देश के विभाजन के बाद इनका परिवार भारत चला आया। मनमोहन सिंह की पत्नी का नाम श्रीमती गुरशरण कौर है। मनमोहन सिंह और गुरशरण की 3 बेटियां हैं।

राजनैतिक जीवन-

श्री सिंह को 1985 में राजीव गांधी के शासन काल में भारतीय योजना आयोग का उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया। इस पद पर उन्होंने निरन्तर पाँच वर्षों तक कार्य किया, जबकि 1990 में उनको प्रधानमंत्री का आर्थिक सलाहकार बनाया गया। जब पी वी नरसिंहराव प्रधानमंत्री बने, तो उन्होंने मनमोहन सिंह को 1991 में अपने मंत्रिमंडल में सम्मिलित करते हुए वित्त मंत्रालय का स्वतंत्र प्रभार सौंप दिया। वर्ष 1991 से लेकर 1996 तक वह भारत के वित्त मंत्री रहे।

अप्रैल 2004 में 72 वर्ष की आयु में वे प्रधानमंत्री नियुक्त किए गए। पुनः दूसरी बार उन्हें वर्ष 2009 में कांग्रेस ने प्रधानमंत्री पद के लिए उन्ही पर भरोसा किया। 2009 के लोकसभा चुनावों में मिली जीत के बाद वे जवाहरलाल नेहरू के बाद भारत के पहले ऐसे प्रधानमंत्री बन गए हैं जिनको पांच वर्षों का कार्यकाल सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद लगातार दूसरी बार प्रधानमंत्री बनने का अवसर मिला है। बतौर प्रधानमंत्री उनका दूसरा कार्यकाल 2014 में पूरा हो रहा है।यह सम्मान सबसे शक्तिशाली पीएम इंदिरा गांधी जी के खाते में भी नहीं है।

विपक्ष के लगातार हो रहे सरकार पर हमलों के उपरांत भी उनके राजनीतिक विरोधी तक उनकी इमानदारी की आज भी कद्र करते हैं। आज जबकि विश्व आर्थिक मंदी का शिकार है इन्होने भारत को इस वैश्विक मंदी से बचाए रखा। एक रिफ्यूजी के तौर पर आये और आकर विश्व के सबसे बड़े लोक तंत्र के दो बार पी एम बनने का यह पहला प्रेरणादाई उदहारण है। इनसे पूर्व आई के गुजराल भी पी एम बने थे मगर उनका कार्यकाल पूरा नहीं हो पाया था। 

सम्‍मान-

मनमोहन सिंह को उनके सार्वजनिक जीवन में प्रदान किए गए कई पुरस्‍कारों और सम्‍मानों में भारत का दूसरा सर्वोच्‍च असैनिक सम्‍मान, पद्म विभूषण भारतीय विज्ञान कांग्रेस का जवाहरलाल नेहरू जन्‍म शताब्‍दी पुरस्‍कार (1995), वर्ष के वित्‍त मंत्री के लिए एशिया मनी अवार्ड (1993 और 1994), वर्ष के वित्‍त मंत्री का यूरो मनी एवार्ड (1993) क्रैम्ब्रिज विश्‍वविद्यालय का एडम स्मिथ पुरस्‍कार (1956), और कैम्ब्रिज में सेंट जॉन्‍स कॉलेज में विशिष्‍ट कार्य के लिए राईटस पुस्‍कार (1955) प्रमुख थे।2002 में मनमोहन सिंह को सर्वश्रेष्ठ सांसद के सम्मान से सम्मानित किया गया।

मनमोहन सिंह को जापानी निहोन कीजई शिमबन सहित अन्‍य कई संस्‍थाओं से भी सम्‍मान प्राप्‍त हो चुका है। इन्होंने कई अंतरराष्‍ट्रीय सम्‍मेलनों और अनेक अंतरराष्‍ट्रीय संगठनों में भारत का प्रतिनिधित्‍व किया हैष


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अमितेष युवराज सिंह

लेखक न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में असिस्टेंट एग्जीक्यूटिव एडिटर हैं

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