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हरियाणा में ऐतिहासिक बिल पास, बच्चियों से रेप करने वालों को होगी फांसी

icon अमितेष युवराज सिंह | 0
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| मार्च 15 , 2018 , 20:25 IST

मध्य प्रदेश और राजस्थान के बाद अब हरियाणा में भी 12 साल से कम उम्र की लड़कियों से रेप के दोषियों को फांसी की सजा के प्रावधान वाला बिल पास हो गया।

12 साल से कम उम्र की लड़‍कियों के साथ रेप पर अपराध गैर जमानती होगा और इसके दोषियों का फांसी या उम्रकैद की सजा होगी। बजट सत्र के अंतिम दिन इस संबंध में कानून बनाया गया। विधानसभा में इस संबंध में पेश 'दंडविधि संशोधन विधेयक 2018' को सर्वसम्‍मति से पारित कर दिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बिल के पास होने से अब अपराधियों के मन में भय पैदा होगा। इसके साथ ही बच्चियों के साथ हो रहे यौन अपराध में भी कमी आएगी।

हरियाणा इस बिल को पास करने वाला पहला राज्य नहीं है। इससे पहले दो अन्य राज्यों में भी इस बिल को पास किया गया है। मध्य प्रदेश और राजस्थान में भी यह बिल पास हो चुका है।

मध्य प्रदेश इस बिल को पास करने वाला पहला राज्य था। इसके बाद राजस्थान ने इस बिल को मंजूरी दी। मध्यप्रदेश कैबिनेट ने रेप आरोपियों पर लगने वाला जुर्माना भी बढ़ा दिया था और रेप आरोपियों की सजा को भी मंजूरी दी थी।

विधानसभा में यह बिल गुरुवार को पास हुआ। गौरतलब है कि हाल के महीनों में हरियाणा में बच्चियों से रेप और फिर उनकी नृशंस हत्याओं के कई मामले एक के बाद एक सामने आने के बाद राज्य सरकार की काफी आलोचना हुई थी।

बता दें कि इसी साल जनवरी के महीने में पांच दिन के अंदर सात बच्चियों से रेप के बाद राज्य में महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हुआ था। उस वक्त मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर ने कहा था कि राज्य सरकार विधानसभा सत्र में कानून लाएगी और आरोपियों के दोषी साबित होने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, उस दौरान खट्टर ने यह बयान भी दे दिया था कि मीडिया ऐसे मामलों को सनसनीखेज बनाकर पेश करता है जबकि इनमें से कई मामले फर्जी होते हैं। इस पर खट्टर को तीखी आलोचना का सामना करना पड़ा था।

बता दें कि नैशनल क्राइम रेकॉर्ड्स ब्यूरो के आंकड़ों में मध्य प्रदेश में रेप के सबसे अधिक मामले पाए गए। हरियाणा सरकार ने गैंगरेप पर कम से कम 20 साल जेल की सजा का प्रावधान किया है। बच्चियों से छेड़छाड़ और उनका पीछा करने की सजा भी बढ़ा दी गई है। आईपीसी की धारा 376ए, 376डी, 354, 354डी(2) जैसे कानूनों में संशोधन करने का फैसला किया गया है।


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अमितेष युवराज सिंह

लेखक न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में असिस्टेंट एग्जीक्यूटिव एडिटर हैं

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