राजनीति

हरियाणा में कानून व्यवस्था चिंताजनक, सरकार को तत्काल बर्खास्त किया जाए : हुड्डा

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| जनवरी 17 , 2018 , 18:05 IST

हरियाणा में पिछले दिनों लगातार गैंगरेप और बर्बरता से हत्या के कई मामले सामने आए हैं। हरियाणा में हुई रेप की इन घटनाअों को लेकर बुधवार को पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने राज्यपाल को ज्ञापन देकर प्रदेश सरकार भंग कर राष्ट्रपति शासन लागू करने की सिफारिश करने का अनुरोध किया।

पूर्व मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हुड्डा ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर पर कड़ा हमला बोलते हुए कहा कि हरियाणा में अपराध बढ़ने के पीछे 'अराजकता' और 'नेतृत्व' की कमी सबसे महत्वपूर्ण कारण है।उन्होंने कहा, 'राज्य में खराब कानून व्यव्स्था के मुद्दे पर हम राज्यपाल से मिले हैं। हाल में हुई कई रेप की घटनाओं ने हमारा सिर शर्म से झुका दिया है।

राज्यपाल को दिये ज्ञापन में कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति भयावह है और इस कारण न केवल आमजन अपने आप को असुरक्षित महसूस कर रहा है बल्कि उनकी कार्यक्षमता पर भी उल्टा असर पड़ा है। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि प्रदेश में आज न शिक्षण संस्थान सुरक्षित हैं, न घर सुरक्षित हैं और न बैंक व अस्पताल सुरक्षित हैं, न मंदिर और न ही जेल।

अपराधियों में सरकार और कानून का डर बिल्कुल नहीं रह गया और सरकार की उदासीनता व दिशाहीनता ने पुलिस प्रशासन को पगुं बना दिया है। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि पिछले सप्ताह में जींद, पानीपत, पिंजौर तथा फरीदाबाद में बलात्कार के बाद निर्मम हत्याओं की घटनाओं ने प्रदेश को हिला दिया है।

आरोप लगाया गया है कि जनता का सरकार व पुलिस पर सही व निष्पक्ष जाँच होने का विश्वास खत्म हो गया है। ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि मंगलवार को श्री हुड्डा और उनके सहयोगी दरिंदगी का शिकार हुई झांसा गांव की बच्ची के परिजनों से मिलने गये तो वहां लोगों ने साफ कहा कि घटना की जांच सीबीआई से होनी चाहिए, क्योंकि पुलिस भरोसे लायक नहीं है।

ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि भाजपा सरकार के सवा तीन साल के शासन में देश तथा प्रदेश की जनता ने तीन बार - बाबा रामपाल प्रकरण, जाट आरक्षण आन्दोलन व बाबा राम रहीम प्रकरण में - सरकार व पुलिस की विफलता को अपनी आँखों से देखा। तीनों घटनाओं में 76 लोगों की जानें गई, इतनी हरियाणा में 48 सालों में भी नहीं गई थी।

यहां तक कि राम रहीम मामले में पंचकूला में हुई हिंसा के वक्त कानून व्यवस्था बनाये रखने के लिए माननीय पंजाब व हरियाणा उच्च न्यायालय को दखल देना पड़ा पर सरकार ने कोई सीख नहीं ली।

मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने दी सफाई:

सफाई देते हुए मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा, 'ऐसी घटनाएं दुर्भाग्यपूर्ण हैं। हम इन पर कड़ी कार्रवाई करेंगे। हमने पुलिस प्रशासन में बदलाव किए हैं और कुछ अफसरों के तबादले किए हैं। मैं राजनीतिक दलों से अपील करता हूं कि इस मुद्दे का राजनीतीकरण न करें।

उन्होंने कहा कि हमने 'डायल 100 प्रोजेक्ट' शुरू किया, '1090 परियोजना' भी शुरू हो जाएगी ताकि खतरे में महिलाएं तुरंत पुलिस से संपर्क कर सकें।

हम मामलों की जांच करेंगे, आवश्यकता के अनुसार परामर्श या कानूनी कार्रवाई करेंगे। हमने ऐसे मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए विशेष अदालतों की स्थापना की है।


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