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हत्या के दोनों मामलों में रामपाल दोषी करार, मिल सकती है उम्रकैद या फांसी की सजा

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| अक्टूबर 11 , 2018 , 14:53 IST

सतलोक आश्रम के संत रामपाल को हिसार कोर्ट ने दो मामलों में गुरुवार को दोषी करार दिया है। इन मामलों में 16-17 अक्टूबर को सजा सुनाई जाएगी। आपको बता दें कि नवंबर 2014 में रामपाल के सतलोक आश्रम में हिंसा हुई थी। हिंसा में 4 महिलाओं और एक बच्चे की मौत हो गई थी। पुलिस रामपाल को गिरफ्तार करने पहुंची थी जिसके बाद उसके समर्थकों ने हिंसा की थी। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जेल की विशेष अदालत में इन्हीं दो मामलों में सुनवाई की गई।

छावनी में तब्दील हुआ हिसार

रामपाल के ऊपर फैसले के मद्देजनर हरियाणा के हिसार शहर को पूरी तरह से छावनी में तब्दील कर दिया गया। किसी भी अप्रिय घटना की आशंकाओं से बचने के लिए पूरे हिसार शहर में धारा 144 लागाई गई है। वहीं, आसपास के 7 ज़िलों से पुलिस बल बुलाया गया है और RAF को स्टैंड बॉय पर रखा गया है. हिसार की सेंट्रल जोन जेल के भीतर ही कोर्ट लगी है, जिसमें फैसला सुनाया जाएगा। गौरतलब है कि पुलिस प्रशासन ने राम रहीम प्रकरण से सबक लेते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किये हैं। हिसार के पंचकुला में राम रहीम पर कोर्ट के फैसले के बाद बड़े पैमाने पर हिंसा हुई थी, जिसमें कई लोगों की मौत हो गई थी और काफी नुकसान हुआ था।

हरियाणा में रामपाल के लाखों अनुयायी

संत रामपाल का हरियाणा में काफी असर है। दावा है कि उनके लाखों अनुयायी हैं। खुद को कबीरपंथी बताने वाले रामपाल स्वयं को परमेश्वर का एक रूप बताता है। रामपाल संत का चोला पहनने से पहले हरियाणा सरकार के सिंचाई विभाग में जूनियर इंजीनियर था। नौकरी के समय ही रामपाल संत स्वामी रामदेवानंद महाराज का शिष्य बन गया और प्रवचन करने लगा। साल 1999 में रामपाल ने हरियाणा के करोंथा गांव में सतलोक आश्रम बनवाया। साल दो हजार में हरियाणा सरकार के दबाव के बाद उसने इंजीनियर के पद से इस्तीफा दे दिया था।

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किस मामले में आरोपी हैं रामपाल!

आपको बता दें कि संत रामपाल और उसके समर्थकों पर हत्या के दो मामलों के आरोप हैं। इस पूरे मामले में 2 मुकदमे है। पहला मुकदमा नंबर 429 है जिसमें रामपाल समेत 15 लोग आरोपी हैं। इस केस में 4 महिलाएं और एक बच्चे की मौत का मामला है। वहीं दूसरा मुकदमा नंबर 430 है जिसमे रामपाल समेत 13 आरोपी हैं। इस केस में एक महिला की मौत हुई थी। महिला रामपाल के आश्रम में संदिग्ध हालत में मृत पायी गई थी। इन दोनों मुकदमों में रामपाल समेत 6 लोग ऐसे हैं, जो दोनों मुकदमों में आरोपी हैं।

रामपाल की मुसीबत तब शुरू हुई जब जमीन विवाद में हुई हत्या के एक मामले में पुलिस उसे गिरफ्तार करने पहुंची। तब नवंबर 2014 में रामपाल ने पुलिस प्रशासन को खुली चुनौती देते हुए कानून को अपने हाथ में ले लिया था। उस समय पुलिस और पैरामिलिट्री फोर्स के जवानों ने 12 दिनों के संघर्ष के बाद रामपाल को गिरफ्तार किया था।


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