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नही रहे मशहूर आलोचक और साहित्यकार नामवर सिंह, 92 साल की उम्र में ली आखिरी सांस

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| फरवरी 20 , 2019 , 11:37 IST

साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित हिंदी लेखक और आलोचक नामवर सिंह का यहां निधन हो गया। वह 92 वर्ष के थे। नामवर के परिवार के सदस्यों ने बुधवार को यह जानकारी दी। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान के ट्रॉमा सेंटर में मंगलवार रात उनका निधन हो गया।

लेखक व पत्रकार ओम थानवी ने कहा कि नामवर का अंतिम संस्कार बुधवार को लोधी शमशान में होगा। उन्होंने कहा, "हिंदी साहित्य जगत अंधकार में डूब गया है। उल्लेखनीय विचारक और हिंदी साहित्य के एक अगुआ शख्सियत का निधन।" नामवर सिंह ने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय से पीएचडी की थी जहां से उन्होंने अपने शिक्षण करियर की शुरुआत भी की।

नामवर सिंह ने हिन्दी आलोचना को जिस ऊंचाई तक पहुंचाया वह मृत्यु के प्रभाव से सर्वथा मुक्त है। उनका चले जाना हम साहित्य प्रेमियों की भारी क्षति है जो उनको सुनने के लिए अवसर की प्रतीक्षा में रहते थे।

सम्मान-:

साहित्य अकादमी पुरस्कार - 1971 में “कविता के नये प्रतिमान” के लिए

शलाका सम्मान- हिंदी अकादमी की ओर से दिल्ली सरकार द्वारा

‘साहित्य भूषण सम्मान’ उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान की ओर से

शब्दसाधक शिखर सम्मान - 2010

महावीरप्रसाद द्विवेदी सम्मान - 21 दिसम्बर 2010

जीवन परिचय-:

नामवर सिंह का जन्म 28 जुलाई 1926 को बनारस के जियनपुर गांव में हुआ था। 1951 में काशी विश्वविद्यालय से एम ए तत्पश्चात 1953 में वहीं लेक्चरर के अस्थायी पद पर नियुक्ति 1956 में पीएचडी और 1959 -60 सागर विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग में व्याख्याता के पद पर कार्य किया।

1965 से 1967 तक नामवर जी जनयुग और आलोचना में संपादक और साहित्यिक सलाहकार के रूप में अपना योगदान दिया. साल1970 में जोधपुर विश्वविद्यालय में विभागध्यक्ष के पद पर नियुक्ति और 1974 से 1987 तक देश के प्रतिष्ठित जवाहरलाल नेहरू विश्व विद्यालय में अध्यापन।


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