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कैसा रहा JEE Main 2019 जनवरी सत्र? यहां पढ़ें सभी विषयों का विश्लेषण

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| फरवरी 1 , 2019 , 19:36 IST

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानि एनटीए ने जेईई मेन 1 के पेपर 1 का परिणाम घोषित कर दिया है। 15 छात्रों ने 100 परसेंटाइल हासिल की है। उम्मीदवार एनटीए की आधिकारिक वेबसाइट nta.ac.in या jeemain.nic.in पर जाकर परिणाम देख सकते हैं। इस परीक्षा में 8 लाख से ज्यादा छात्र बैठे थे। वहीं, पेपर 2 का परिणाम भी जल्द जारी कर दिया जाएगा। जो छात्र ने जेईई मेन्स 2019 परीक्षा में पास हुए हैं और 70 पर्सनटाइल हासिल किया है वहीं, जेईई एडवांस की परीक्षा में बैठ पाएंगे। आईआईटी रुड़की जेईई एडवांस 2019 की परीक्षा आयोजित करेगा।

JEE Main 2019 के परिणाम और कट ऑफ सम्बन्धी जानकारी के लिए क्लिक करें यहां

ये तो बात हुई जेईई मेंस के नतीजे की। लेकिन आज हम बात करेंगे जेईई मेंस के जनवरी सत्र की। यानि ये सत्र कैसा रहा साथ ही सभी प्रश्नपत्रों का विश्लेषण भी आपके सामने रखेंगे। इसका लाभ उन सभी छात्रों को मिलेगा जो जेईई मेन के अप्रैल सत्र के परीक्षा का आवेदन भरने वाले हैं। अलग-अलग विषयों का विश्लेषण उन्हें अपनी जेईई मेन की तैयारी और आगे की रणनीति बनाने में काफी मददगार साबित होगा।

जेईई की परीक्षा देकर निकलने वाले छात्रों ने भी विभिन्न प्रतिक्रियाएं दि, साथ ही विशेषज्ञों की भी अलग अलग राय है। सबसे पहले छात्रों की ही बात कर लेते हैं। ज्यादातर छात्रों का कहना था पेपर ना ज्यादा कठिन था और ना ही ज्यादा आसान था। किसी छात्र को गणित का पेपर ज्यादा कठिन लगा तो, किसी को कैमस्ट्री और फिजिक्स का सेक्शन लंबा लगा। छात्रों का कहना था गणित, भौतिकी और रसायन विज्ञानं को मिलाकर 60 से अधिक प्रश्न हल नहीं कर पाए। गणित में ट्रिग्नोमेट्री और कोऑर्डिनेट ज्योमेट्री के सवाल सबसे ज्यादा कठिन थे। परीक्षा में उपस्थित ज़्यादातर बच्चों को रसायन विज्ञानं सबसे आसान लगा।

एक्सपर्ट्स के मुताबिक ज्यादतर सवाल एनसीआरटी सिलेबस से पूछे गए थे। FIITJEE के एक पूर्व फैकल्टी की माने तो परीक्षा के पहले दो दिनों का कठिनाई स्तर देखने से लगता है की अच्छे कॉलेजों में चयन के लिए आपको कम से कम 200 अंक हासिल करने पड़ेंगे। वहीँ दुसरे विशेषज्ञों की माने तो परीक्षा के लिए कट ऑफ 80 - 85 के बीच रहने की संभावना है।
भौतिकी
इस बार के भौतिक विज्ञान का प्रश्नपत्र सबसे कठिन विषय रहा। भौतिक विज्ञान में आने वाले प्रश्नों में दोनों तरह के प्रश्न व्याख्यात्मक और गणनात्मक थे। पेपर में 12वीं से 17 सवाल पूछे गए जबकि 11वीं के सिलेबस से 13 सवाल पूछे गए। इन सवालों में चार कठिन स्तर के, 20 मध्यम और 6 आसान सवाल थे। भौतिक विज्ञान प्रश्न पत्र में 11वीं के मुकाबले 12वीं के सिलेबस से ज्यादा प्रश्न पूछे गए थे। उसमें ध्रुवीकरण, चुंबकत्व, विद्युत चुम्बकीय तरंग, प्रतिरोध से संबंधित प्रश्न पूछे गए

रसायनिक विज्ञान

छात्रों के मुताबिक रसायन विज्ञान का भाग सबसे सरल था। इसमें भी संयुक्त रूप से व्याख्यात्मक और गणनात्मक सवाल थे। ऐसा होने से छात्रों को अन्य दोनों सेक्शन के लिए समय बच गया। कहा जा रहा है प्रश्न पत्र का यह भाग बाकी हिस्सों से उलझाऊ था। इसमें 14 सवाल 12वीं से और 16 सवाल 11वीं के सिलेबस से पूछे गए थे। पूरे भाग को देखें तो इसमें 3 कठिन प्रश्न, 17 प्रश्न मध्यम स्तर के और 10 प्रश्न आसान थे।

गणित

गणित का पेपर पिछले सालों के मुकाबले आसान था हालांकि छात्रों की माने तो उन्हें गणित में ही सबसे ज़्यादा झूझना पड़ा। गणित के प्रश्न पत्र में 12वीं के सिलेबस तथा 11 वीं कक्षा से लगभग समान मात्रा में प्रश्न पूछे गए थे। सबसे अधिक 11 प्रश्न बीजगणित से पूछे गए। गणना से 9 प्रश्न, निर्देशांक ज्यामिति से 6 प्रश्न, वेक्टर तथा त्रिविम ज्यामिति से तीन प्रश्न पूछे गए। गणितीय तर्क और सांख्यिकी से एक-एक प्रश्न पूछा गया था।

इस साल से इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नॉलजी समेत इंजिनियरिंग कॉलेजों में दाखिले के लिए आयोजित होने वाले संयुक्त प्रवेश परीक्षा में दो बड़े बदलाव हुए हैं। एक बदलाव तो रैंकिंग से संबंधित है और दूसरा परीक्षा के माध्यम और फॉर्मेट से। पहले रैंकिंग के लिए छात्रों द्वारा परीक्षा में प्राप्त अंकों को आधार बनाया जाता था लेकिन अब पर्सेंटाइल स्कोर को आधार बनाया जाएगा।

JEE Main II के लिए पंजीकरण 8 फ़रवरी से शुरू होने जा रहा है। आवेदन प्रक्रिया में कोई बदलाव नहीं होने वाला और सभी उम्मीदवार आधिकारिक साइट पे 7 मार्च तक अपने आवेदन जमा करा सकते हैं। NTA ने JEE Main II को 6 अप्रैल से 20 अप्रैल तक ऑनलाइन मोड में कराएगा।


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