नेशनल

बढ़ेगी ताकत, Indian Air Force में शामिल होंगे 324 Tejas फाइटर जेट

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
1890
| मार्च 15 , 2018 , 14:10 IST

अपनी तेजी से घट रही लड़ाकू स्क्वॉड्रन को देखते हुए इंडियन एयर फोर्स ने 324 तेजस विमानों को अपने बेड़े में शामिल किए जाने का फैसला किया है। एयर फोर्स ने अभी तक 123 तेजस जेट्स अपने बेड़े में शामिल किए जाने की सहमति दी है जिनकी कीमत लगभग 75,000 करोड़ रुपये मानी जा रही है।

एयर फोर्स में तेजस मार्क-2 विमानों के लिए मिली सहमति

सूत्रों के मुताबिक, एयर फोर्स ने 201 तेजस मार्क-II विमानों के लिए हालिया सहमति दी है जो कि बिल्कुल नए फाइटर जेट्स हैं और इनकी एवियॉनिक्स, रेडार, हथियार और इंजन क्षमता पिछले विमानों से काफी बेहतर है। वर्तमान तेजस विमान केवल 350-400 किलोमीटर के इलाके में केवल एक घंटे तक ऐक्शन में रह सकता है और यह केवल 3 टन तक हथियार ले जा सकता है। दूसरी तरफ, अन्य सिंगल इंजन लड़ाकू विमान जैसे स्वीडन का ग्रिपन-ई और अमेरिका का एफ-16 इसके मुकाबले दोगुने हथियारों के साथ दोगुने समय तक ऐक्शन में रह सकते हैं।

एयरफोर्स की स्क्वॉड्रन क्षमता लगातार कम हो रही है

हाल के समय में इंडियन एयर फोर्स अपनी न्यूनतम 42 स्क्वॉड्रन की क्षमता से भी नीचे 31 लड़ाकू स्क्वॉड्रन तक पहुंच गई है जो चीन और पाकिस्तान से आ रही चुनौतियों को देखते हुए काफी कम है। माना जा रहा है कि एयर फोर्स का ऐसा मानना है कि इस परेशानी से निपटने के लिए बड़ी संख्या में महंगे विदेशी लड़ाकू विमान खरीदना अच्छा ऑप्शन नहीं होगा। बता दें कि भारत ने 2016 में फ्रांस से 36 राफेल लड़ाकू विमानों का सौदा किया है जिसकी कीमत लगभग 59,000 करोड़ रुपये है।

तेजस में है कई कमियां

एक सूत्र के मुताबिक, 'तेजस मार्क-II अभी भी अपने विकास की अवस्था में है लेकिन अगर डीआरडीओ, एयरोनॉटिकल डिवेलपमेंट एजेंसी और हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड इसे समय से पूरा कर देते हैं तो भारतीय वायु सेना तेजस के कुल 18 स्क्वॉड्रन बनाने पर सहमत है।' यह फैसला साउथ ब्लॉक स्थित रक्षा मंत्रालय में रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में हुई एक उच्च-स्तरीय बैठक में लिया गया है। रक्षा मंत्री ने हाल में यह भी कहा था कि सरकार घरेलू स्तर पर विकसित किए गए तेजस की उपेक्षा नहीं कर रही है और इसे और बेहतर बनाए जाने के लिए प्रतिबद्ध है।

सिर्फ 6 तेजस विमानों को मिला है ऑपरेशनल क्लीयरेंस

बता दें कि एयर फोर्स द्वारा ऑर्डर किए गए 20 तेजस विमानों में से केवल 6 को अभी तक इनीशिअल ऑपरेशनल क्लीयरेंस मिला है। एयर फोर्स के उम्मीद है कि 2019 की शुरुआत से 20 और तेजस विमानों को फाइनल ऑपरेशनल क्लीयरेंस दे दिया जाएगा। एयर फोर्स द्वारा 83 तेजस मार्क-1ए फाइटर्स का कॉन्ट्रैक्ट किया गया है जिसकी कीमत लगभग 50,000 करोड़ रुपये है। इन जेट विमानों में बेहतर रखरखाव, रेडार, मिड-एयर रिफ्यूलिंग क्षमता, लॉन्ग रेंज मिसाइल और दुश्मन के रेडार को जाम करने की क्षमता सहित 43 सुधार किए जाएंगे। इन 83 लड़ाकू विमानों की डिलीवरी 2023 से शुरू हो जाएगी।


कमेंट करें