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जिन्ना विवाद पर दलाई लामा ने कहा, अगर बयान गलत था, तो मैं माफी मांगता हूं

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| अगस्त 10 , 2018 , 14:49 IST

पणजी से 40 किमी दूर गोवा प्रबंध संस्थान के एक कार्यक्रम को संबोधित करते तिब्बत के आध्यात्मिक गुरू दलाई लामा ने दावा किया कि अगर महात्मा गांधी की जिन्ना को पहला प्रधानमंत्री बनाने की इच्छा को अमल में लाया गया होता, तो भारत का बंटवारा नहीं होता। दलाई के इस बयान पर हंगामा खड़ा हो गया।

हंगामा होने पर दलाई लामा ने कहा कि अगर मेरा बयान गलत था, तो मैं उसके लिए माफी मांगता हूं। बता दें कि बीते बुधवार को दलाई लामा ने एक कार्यक्रम में कहा था कि महात्मा गांधी चाहते थे कि मोहम्मद अली जिन्ना देश के शीर्ष पद पर बैठें, लेकिन पहला प्रधानमंत्री बनने के लिए जवाहरलाल नेहरू ने ‘आत्म केंद्रित रवैया’ अपनाया था। अगर मोहम्मद अली जिन्ना देश के पहले प्रधानमंत्री बनते तो भारत का बंटवारा नहीं होता।</

दलाई लामा के इस बयान पर काफी हंगामा हुआ था। इस बयान पर काफी राजनीतिक दलों ने आपत्ति जताई थी। यह बयान उन्होंने कार्यक्रम में एक सवाल का जवाब देते हुए दिया था।

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तिब्बती गुरू का कहना था कि 'मेरा मानना है कि सामंती व्यवस्था के बजाय प्रजातांत्रिक प्रणाली बहुत अच्छी होती है। सामंती व्यवस्था में कुछ लोगों के हाथों में निर्णय लेने की शक्ति होती है, जो बहुत खतरनाक होता है।' उन्होंने कहा, 'अब भारत की तरफ देखें। मुझे लगता है कि महात्मा गांधी जिन्ना को प्रधानमंत्री का पद देने के बेहद इच्छुक थे, लेकिन पंडित नेहरू ने इसे स्वीकार नहीं किया.'

उन्होंने कहा, 'मुझे लगता है कि खुद को प्रधानमंत्री के रूप में देखना पंडित नेहरू का आत्म केंद्रित रवैया था। अगर महात्मा गांधी की सोच को स्वीकारा गया होता, तो भारत और पाकिस्तान एक होते।' उन्होंने कहा, 'मैं पंडित नेहरू को बहुत अच्छी तरह जानता हूं। वो बेहद अनुभवी और बुद्धिमान व्यक्ति थे, लेकिन कभी-कभी गलतियां हो जाती हैं।'


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