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तसलीमा मोदी की बहन बन सकती हैं तो रोहिंग्या भाई क्यों नहीं बन सकते? – ओवैसी

icon कुलदीप सिंह | 0
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| सितंबर 15 , 2017 , 17:52 IST

रोहिंग्या मुसलमानों को मुद्दे पर AIMIM के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपने निशाने पर लेते हुए सवाल किया है कि जब तसलीमा नसरीन यहां रह सकतीं हैं, तो रोहिंग्या क्यूँ नहीं रह सकते?

"जब तसलीमा आपकी बहन बन गयी, तो क्या रोहिंग्या आपका भाई नहीं बन सकता है? बीजेपी की हुकूमत कहती है, कि हम तमाम रोहिंग्या को उठाकर बाहर कर देंगे."

प्रधानमंत्री मोदी पर तंज़ करते हुए ओवैसी ने कहा है की आप सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता चाहते हैं, तो क्या यह आपका रवैया होगा संयुक्त राष्ट्र के पंजीकृत शरणार्थियों के प्रति?

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ओवैसी ने कहा की आज भी तमिलनाडु में शरणार्थी कैम्पों में 65 हज़ार तमिल शरणार्थी रहते हैं. जब इन तमिल शरणार्थियों के बारे में कहा गया की यह आतंकवाद में हिस्सा ले रहे हैं, तो उन्हें वापस श्री लंका नहीं भेजा गया बल्कि उन्हें अलग कैंप में भेजा गया.  

उन्होंने चकमा शरणार्थियों के बारे में कहा की चकमा शरणार्थी शेख मुजीबुर रहमान के खिलाफ लड़ रहे थे और पाकिस्तान की तारीफ कर रहे थे, मगर हमने उन्हें शरणार्थी का दर्ज़ा दिया. ओवैसी ने कहा कि जब दूसरे शरणार्थी यहां रह सकते हैं, तो रोहिंग्या क्यों नहीं., तिब्बती शरणार्थी यहां रह रहे हैं, तो फिर रोहिंग्या क्यों नहीं. तिब्बती तो लाखों की संख्या में हैं, जबकि रोहिंग्या तो 16 हजार या 40 हजार हैं. तमिलनाडु में आज भी कैंपों में तमिल शरणार्थी रहते हैं. हमने दलाई लामा को यहां शरण दिया, फिर रोहिंग्या के मामले में ऐसी सोच क्यों?             


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कुलदीप सिंह

Executive Editor - News World India. Follow me on twitter - @KuldeepSingBais

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